निचलौल। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद महराजगंज जिले में प्रशासन सतर्क हो गया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
इसी क्रम में सोमवार को एसडीएम अवनीश त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह और तहसीलदार अमित सिंह ने नारायणी नदी के टेलफाल पहुंचकर जलस्तर और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। वाल्मीकि बैराज से डाउनस्ट्रीम में 37,200 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से काफी नीचे है। हालांकि, नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि नदी में पानी बढ़ने की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
सीमावर्ती गांवों के प्रधानों को किया सतर्क
प्रशासन ने दियारा क्षेत्र के सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोतहा और टेलफाल के आसपास के गांवों के ग्राम प्रधानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदियों में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देने और ग्रामीणों को आगाह करने की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयारी रखने को कहा गया है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी या किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य समय से शुरू किए जा सकें।