लोक अदालत में 3652 वाद निस्तारित
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महराजगंज। स्थानीय दीवानी न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने फीता काटकर किया। इसमें कुल 3652 वादों का निस्तारण हुआ।
इसमें जनपद न्यायाधीश की तरफ से 7 सिविल प्रर्कीण और एक मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद का निस्तारण कराते हुए 495000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र बहादुर प्रसाद द्वारा कुल 8 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज प्रथम विश्वंम्भर प्रसाद द्वारा 4 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद का निस्तारण किया गया। इसमें 540000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया गया। इसके अलावा 68 विद्युत व 6 सिविल प्रकीर्ण वाद का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम ललित नारायण झा ने एक मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद का निस्तारण किया। चार प्रतिकर सिविल प्रकीर्ण वाद का भी निस्तारण किया और 500 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीलवंत ने 286 फौजदारी वाद का निस्तारण किया और 16780 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम किशोर ने 95 प्री लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों द्वारा 589 लंबित व 1925 प्री लिटिगेशन वादों अर्थात कुल 2514 वादों का निस्तारण किया गया। वन विभाग द्वारा कुल चार वादों का निस्तारण किया गया। सभी बैंकों के कुल 654 वादों का निस्तारण हुआ। इसमें 429 भारतीय स्टेट बैंक, 147 पूर्वांचल बैंक, 11 इलाहाबाद बैंक, 43 पंजाब नेशनल बैंक, 5 बैंक आफ बडौदा, दो बैंक आफ इंडिया, 5 यूनियन बैंक, 12 वाद सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से संबंधित रहे। कुल 7373575 रुपये बैंकों द्वारा ऋण वसूल किए गए। ऋण धारकों को 9596510 रुपये की छूट बैंकों द्वारा दी गई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरंद्र बहादुर प्रसाद द्वारा निस्तारित किए गए पारिवारिक मामलों में 2 परिवारों को मिलवाया गया।