खुद के संसाधनों से आय बढ़ाएंगी ग्राम पंचायतें
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए शासन स्तर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही ग्राम पंचायतें स्वयं के संसाधनों से आय बढ़ाएंगी। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद विभाग के अधिकारी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। इस कार्य के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों को पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से रकम दी जाती है। ग्राम प्रधानों को कई ऐसे अधिकार दिए गए हैं, जिसका प्रयोग कर वह गांव के विकास को चार चांद लगा सकते हैं। इसके बावजूद ऐसा नहीं होता। सरकार का मानना है कि ग्राम पंचायतें सिर्फ शासन से प्राप्त होने वाली रकम पर ही निर्भर रह गई हैं। इसलिए शासन स्तर से ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ खुद के संसाधनों से आय बढ़ाने के बाबत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिवों को पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रशिक्षण के माध्यम से दी जाएंगी। इसकी शुरूआत जिले में हो गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिले में 923 ग्राम पंचायतें हैं और इतने ही ग्राम प्रधान हैं। इस सभी ग्राम पंचायतों पर करीब 182 ग्राम पंचायत सचिव तैनात हैं। इन सभी को तीन दिवसीय प्रशिक्षण विभाग की ओर से दिया जाएगा।
सीडीओ राम सिंहासन प्रेम ने बताया कि ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के संसाधनों से आय बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की इस पहल से ग्राम पंचायतें स्वयं की आय से गांवों में विकास कार्य करवा सकेंगी। शासन ने ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के साथ ही ग्राम पंचायतों को हाईटेक करने की भी तैयारी कर ली गई है। गांव में होने वाले विकास कार्य और अन्य सारी जानकारी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। अब बैंक खातों से ग्राम प्रधान व सचिव के डिजिटल साइन से ही रकम निकाली जाएगी।