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Maharajganj News: बाढ़ के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बनाई गईं 29 चौकियां

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आपदा प्रबंधन ने 24 घंटे निगरानी रखने के दिए हैं निर्देश, 70 नाव और 208 नाविक लगाए गए
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बनाए गए हैं 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां और छह बाढ़ नियंत्रण कक्ष
महराजगंज। प्रशासन का दावा है कि उसने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। जनपद में 29 बाढ़ चौकियां, 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां और 6 बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने चौकियों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।
अमूमन मानसून का सीजन 15 जून माना जाता है लेकिन इस बार मानसून के आने में देर हो गई है। एक दो दिन में मानसून के दस्तक देने के आसार हैं। वहीं पहाड़ों पर बारिश होने लगी है। तराई में भी छिटपुट बारिश हो रही है। पहाड़ पर बारिश होने के कारण कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नेपाल के पहाड़ों पर बारिश से झरही उर्फ प्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया।
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने जिले में 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां, 6 बाढ़ नियंत्रण कक्ष, 291 गोताखोर, 29 बाढ़ चौकियां, 19 राहत शिविर, 70 नाव और 208 नाविक लगाए गए हैं। वहीं लोगों को खाने- पीने रहने की समस्या न होने पाए इसके लिए 25 खाद्यान्न वितरण केंद्र, 21 पशु शरणालय, 13 हेलीपैड एयर ड्राप, 1137 आपदा मित्र, 163 जेसीबी, 1583 टैक्टर लगाए गए हैं। साथ ही सामान लाने ले जाने के लिए 2120 पिकअप वाहन लगाए गए हैं। ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
10 मेडिकल टीम और 32 एंबुलेंस तैयार
बाढ़ के दौरान बीमारों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसको देखते हुए भी प्रशासन ने तैयारी कर रखी है। जिले में 13 रैपिड रिस्पांस टीम, 10 मेडिकल टीम, 102 एंबुलेंस 32, 108 एंबुलेंस 29, एएलएस एंबुलेंस 04, सरकारी एंबुलेंस 02 लगाए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जिम्मेदारों को बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ से पूर्व बांधों की मरम्मत करने और 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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बाढ़ के समय ये क्षेत्र होते हैं प्रभावित
बाढ़ के समय सदर तहसील के रोहिन नदी, बलिया नाला, मौन नाला, छोटी गंडक का जलस्तर बढ़ने से करीब 43 गांव प्रभावित होते हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें रोहिन नदी सबसे ज्यादा गांवों को प्रभावित करती है। रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने से 29 गांव प्रभावित होते हैं।
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