नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी पर सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए अन्तर्राष्ट्रीय तटबंध ए गैप बी गैप लिंक बांध व नेपाल बांध की देखरेख करने वाला जिले की सिचाई खंड दो इस वर्ष भी बंधे पर 28 करोड़ खपाने की जमीन तैयार करने में जुट गया है। जून का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है और अभी तक बंधों पर काम शुरू भी न हो सका है।
हर साल बांढ के दिनों में लूट, खसोट, बन्दरबांट, जांच, पड़ताल आदेश निर्देश को लेकर सुर्खियों में रहने वाला िंचाई विभाग इस वर्ष भी अपने कथित मंसूबों से उबरने का नाम नहीं ले रहा है। नेपाल स्थित चारों अन्तर्राष्ट्रीय तटबंधों पर पिछले तीन चार सालों में सौ करोड़ से अधिक रूपया खर्च के बाद भी बंधों की बदहाली खुद ही विभाग के कथित कारनामों को उजागर कर रहे है।
इस वर्ष भी गंगा फ्लड कंट्रोल कमेटी जीएफसीसी पटना ने 28 करोड़ की लागत वाली 9 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ई टेंडरिंग से सभी परियोजनाओं का टेंडर भी हो चुका है। बावजूद इसके बंधों पर काम होना तो दूर अभी शुरु भी नहीं हो सका है। जबकि 12 जून तक मानसून आने की संभावना है। मानसून आने के साथ ही नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगेगा। एक्सईएन बीपी यादव का कहना है कि अभी सप्ताह पूर्व है। मैने चार्ज लिया है। जल्द ही परियोजनाओं का कार्य शुरू कराया जाएगा।