महराजगंज। दीपावली पर उल्लुओं का शिकार व तस्करी पर नियंत्रण के लिए सोमवार को सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के कर्मी अलर्ट मोड में रहेंगे।
डीएफओ के निर्देश पर पूरे 24 घंटे के लिए यह अलर्ट प्रभावी रहेगा जिससे दीपावली पर इन पक्षियों की सुरक्षा के साथ शिकारी व तस्कर किसी तरह का खिलवाड़ न कर सकें।
हालांकि 2020 के बाद उल्लुओं की तस्करी का कोई मामला वन्य जीव के अंतर्गत नहीं आया लेकिन दीपावली के समय संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने सक्रियता बढ़ाई है।
दीपावली देवी लक्ष्मी के आराधना का पर्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय के मुताबिक सतयुग में कार्तिक अमावस्या के दिन देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई।
पुराणों के वर्णन के मुताबिक देवी प्राकट्य बेला में उल्लू वाहन पर आरूढ़ थीं जिसके कारण उनका वाहन उल्लू माना गया। कार्तिक अमावस्या अर्थात दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तांत्रिक क्रियाओं में उल्लुओं के बलि देने के बाद ही तांत्रिक क्रिया सफल होती है। मधवलिया रेंज के समीपवर्ती ग्रामीणों के मुताबिक दीपावली आते ही उल्लू की जान पर आफत के बादल मंडराने लगते हैं।
भारत-नेपाल की खुली सीमा के मार्फत तस्करी के मामले लगभग प वर्ष पहले तक पकड़े गये, लेकिन इसके बाद सुरक्षा को मजबूत कर इसपर पूरी तरह से लगभग नियंत्रण स्थापित हो सका है।