साक्ष्य देकर दोबारा कराना होगा अपलोड
वक्फ ट्रिब्यूनल से निर्धारित की गई है 5 जून की समय सीमा
महराजगंज। प्रदेश वक्फ ट्रिब्यूनल ने जनपद की 23 सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिजेक्ट कर दिया है। साथ ही नोडल नामित कर उक्त संपत्तियों के मुतवल्लियों को पर्याप्त साक्ष्य देकर उक्त को दोबारा अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं।
वक्फ संशोधन बिल पास करने के बाद सरकार ने वक्फ संपत्तियों को सूचीबद्ध करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्था विकसित कराते हुए ''उम्मीद'' पोर्टल जारी किया था। इस पोर्टल पर शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली-प्रशासकों को निर्देश दिया गया था कि पर्याप्त साक्ष्य व खसरा खतौनी का विवरण देते हुए संपत्तियों को वक्फ के खाते की पोर्टल पर घोषित कराएं। दिसंबर 2025 तक जनपद में कुल 301 सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के विवरण व साक्ष्य अपलोड कराए गए। हालांकि कि 12 दिसंबर 2025 के बाद इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 5 जून 2026 करते हुए अपलोड संपत्तियों का सत्यापन प्रारंभ कराया। सत्यापन में कुल 23 संपत्तियों (धर्मस्थल, कब्रिस्तान, ईदगाह व कृषि भूमि) के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। ट्रिब्यूनल ने इस आधार पर जनपद के नोडल की जिम्मेदारी मौ. महीउद्दीन काशमी को दायित्व देकर रिजेक्ट संपत्तियों के मुतवल्लियों को निर्देशित किया है कि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए उक्त को दोबारा अपलोड करा लें अन्यथा स्वत: जिम्मेदार होंगे।
वर्जन
जिले में सिर्फ सुन्नी वक्फ बोर्ड की मिल्कियत है। 301 संपत्तियों को दिसंबर 2025 तक उम्मीद पोर्टल पर अपलोड कराया गया था। सत्यापन में 23 संपत्तियों के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले जिसके कारण इन्हें रिजेक्ट कर दोबारा पर्याप्त साक्ष्य के साथ अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 5 जून 2026 तक समय दिया गया है।
- कन्हैया यादव, प्रभारी डीएमओ व सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ