प्रवासी, अप्रवासी पक्षियों के चहकेंगे बच्चे
वन विभाग वेटलैंड डे को पक्षी देखो दिवस के रूप में मनाएगा
सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग की कराई जाएगी सैर, आयोजित होंगे जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। विश्व वेटलैंड डे अर्थात विश्व आर्द्रभूमि दिवस को पक्षी देखो दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत अगले सप्ताह से स्कूली बच्चों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें वेटलैंड और चिड़ियों के बीच परस्पर संबंध, उनके संवर्धन व संरक्षण के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। दो फरवरी को सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के आधा दर्जन वेटलैंड पर बच्चों को दूरबीन के माध्यम से चिड़ियों को भी दिखाया जाएगा।
जाड़े के महीने में सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के विभिन्न वेटलैंड पर साइबेरियम पक्षी आकर डेरा डालते हैं जो होली तक तक रहते हैं। जाड़े के महीनों को चिडियों के प्रजनन का समय माना जाता है। ऐसे में वेटलैंड और अप्रवासी व प्रवासी पक्षियों में गहरा संबंध बनता है। इसलिए वेटलैंड व चिड़ियाें के बारे में स्कूली बच्चों को विस्तार से बताने के लिए वन विभाग अगले सप्ताह से बच्चों में जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा। वनकर्मी विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को आर्द्रभूमि के बारे में बताएंगे। उन्हें प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों के बारे में भी बताया जाएगा।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि आगामी दो फरवरी को विश्व वेटलैंड दिवस को बर्ड वाचिंग डे के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों में गोष्ठी आयोजित कर विशेषज्ञों द्वारा आर्द्रभूमि के बारे में बताया जाएगा। भाषण और पोस्टर प्रतियोगिता होगी। बखिरा पक्षी विहार तथा सिगरहना ताल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इन वेटलैंड पर दिखाए जाएंगे पक्षी
डीएफओ ने बताया कि वैसे तो सोहगीबरवां में सिगरहना, कोरीअहवा, रैयाखर, बटोरा, चिरैया, गुड़गुडिया, झवई, मंझरिया, ठुठरी, टेड़वा, छोटी गंडक, डंडोह नाला, भरतो नाला, दर्जीनिया ताल, श्रीनगर ताल, सौदहवां, मटौहा, खसेरवा, पडऱी, टड़वलिया, हरीहरपुर आदि वेटलैड हैं, लेकिन आगामी दो फरवरी को जिन वेटलैंड पर स्कूली बच्चों को दूरबीन के माध्यम से पक्षियों का नजारा दिखाया जाएगा। उनमें जगपुर, हरिहरपुर, शिवपुर, गंडक, दर्जीनियां व रोहिन नदी के नाम हैं।