लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना के देवपुर में शुक्रवार को टैंकर व कार की टक्कर में मौके पर ही आठ की मौत हो गई थी। जिसमे चार मृतकों की शिनाख्त तो घटना के दिन ही देर रात तक हो गई थी। लेकिन चार शवों की शिनाख्त तीन दिन बाद भी नही हो पाने की दशा में पुलिस ने सोमवार को चारों शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया। साथ ही शिनाख्त की कोशिश में लगी थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट मृतक के फोटो की पहचान उसके मित्र ने किया। इसके बाद वह उसके घरवालों को बताया। जानकारी मिलते ही मृतक की बूढ़ी मां थाने पहुंच कर मृतक का फोटो देख उसकी पहचान की। मृतक गोप बहादुर राना नेपाल के नवल प्यासी जिला के थाना काबा सोती के ग्राम देवराली के वार्ड 7 रूमसी का था। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। गोप बहादुर के तीन भाई मलेशिया में रहते हैं। पिछले तीन वर्ष से वह देहरादून के एक कंपनी मे बतौर ठेकेदार कार्य करता था। जो अपनी मां के बीमार होने की सूचना पर अपने पत्नी चनिसरा राना मगर व बेटे संदेश राना मगर व कांक्षा के साथ अपने पैतृक गांव जा रहा था। लेकिन शुक्रवार को देवपुर मार्ग दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसमें पति-पत्नी के साथ ही दोनो बच्चों की भी मौके पर ही मौत हो गई। जिसकी शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया था। लेकिन पहचान होने में देरी होने के कारण कानूनी तौर पर 72 घंटे बाद सोमवार को शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया गया। तभी बुधवार को मृतक की मां नारमा राना (70) ने पुरंदरपुर थाने पर अपने बेटे की फोटो लेकर पहुंची। जहां उसने मृतक के फोटो को देख फफक पड़ी। उसने बताया कि उसके बेटे ने 7 सितंबर को देहरादून से पूरे परिवार के साथ घर आने की सूचना दी थी। उसके बाद कोई जानकारी नहीं मिली। उसके मित्र यमन सिंह मसरंगी ने घटना की जानकारी दी। उसके बाद वह थाने पहुंची।
एसओ ने सौंपा नकद समेत सामान
मृतक के पास से बरामद नकद समेत सामान को एसओ पुरंदरपुर गिरिजेश उपाध्याय ने मृतक गोप बहादुर राना की मां नारमा राना को सौंपा। जिसमें बैग, कपड़ा के साथ ही 8485 रुपये इंडियन तथा 7935 रुपये नेपाली नकद भी सौंपा।