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कलेक्ट्रेट पर गरजे राज्य कर्मचारी

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महराजगंज। छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और 50 की उम्र पूरी चुके कर्मचारियों की छंटनी का पुरजोर विरोध करते हुए 18 सूत्री मांगो को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। राज्य कर्मचारियों के धरने में आंगनबाड़ी, आशा और शिक्षक भी शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं ने मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। कहा कि कर्मचारी समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया। अंत में सीएम को संबोधित 18 सूत्री मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया।
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कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने में हीलाहवाली की जा रही है। उन्होंने 50 वर्ष की उम्र पूरी चुके कर्मचारियों की छंटनी की नीति कर आलोचना की। कार्यालय अवधि के बाद भी दबाव बनाकर कर्मचारियों से काम लेने को शोषण करार देते हुए उन्होंने कहा कि संगठन इसका विरोध करता है। कर्मचारी हित की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री राकेश त्रिपाठी ने प्रदेश में सीधी भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित करने की मांग की। साथ तीन पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किए जाने की वकालत की। नई पेंशन योजना को बंद करते हुए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की आवाज उठाई। कहा कि प्रदेश में विनियमित किए गए कार्मिकों की पुरानी अर्हकारी सेवा को जोड़ते हुए पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए। राकेश त्रिपाठी ने मान्यता प्राप्त संगठनों के अध्यक्ष मंत्री को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की मांग की।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश चंद्र त्रिपाठी, संप्रेक्षक घनश्याम वरुण, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त अध्यक्ष कीर्ति प्रकाश नायक ने भी धरने को संबोधित किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष सरिता जायसवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे काफी समस्या हो रही है। उन्होंने जल्द से जल्द मानदेय का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने सात सूत्री मांगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पूरा कराने की मांग की।
आशा संघ जिलाध्यक्ष जमीरून निशा ने हर महीने आशा वर्करों के मानदेय का भुगतान करने के साथ ही एएनएम की भर्ती में 30 प्रतिशत का कोटा देने की मांग की। आशा संगिनी की नियुक्ति में संख्या को मानक बनाया जाए।
इस दौरान अमजद खां, गौरी शंकर त्रिपाठी, अनिल श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, प्रमोद कुमार पांडेय, चंद्र प्रकाश पांडेय, प्रताप नारायण पांडेय, गजेंद्र उपाध्याय, गिरजा प्रसाद, डा. राजीव, छेदी प्रसाद, नयनानंद मिश्र, मीरा देवी, सुभावती, ज्ञानती, नीलम, प्रेम ज्योति, सरस्वती देवी, कुसमावती, कौशल्या, विमला देवी आदि मौजूद रहे।
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