महराजगंज। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने बीते 19 मई को 72 ग्राम पंचायतों में पेयजल की असलियत जानने को स्थलीय सत्यापन कराया तो सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था की पोल खुल गई। निरीक्षण के समय इन सभी गांवों में 228 इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर योग्य बताए गए तो करीब डेढ़ सौ हैंडपंप खराब बताए गए।
सत्यापन आख्या पर गौर करें तो ग्राम पंचायत खेसरारी, सेमरी, बेलटिकरा, नौसागर, नैनसर, मोहनापुर, रामनगर, डंडवार में पेयजल व्यवस्था बदतर देखने को मिली। ग्राम सोनवल में 4, पकड़ी दीक्षित व पिपरा खादर में 7-7, खेसरारी में 10, कोहड़वल में 6, सेमरी में 7, करौता व बेलटिकरा में 8-8, पिपरा खुर्द में 4, रामनगर में 7, उस्का व बेनीगंज में 5-5, डंडवार बुजर्ग में 15, नौसागर में 12, मिश्रौलिया में 8, मदरहा ककटही में 6, मुडली में 5,,खालिकगढ़ में 10 तथा सेमरहना में सर्वाधिक 35 हैंडपंप रिबोर योग्य बताए गए।
इसी प्रकार चैनपुर व करमहा में 5-5, बेलसड़ में 6, नौसागर में 15, पिपरामौनी में 6, हरपुर महंथ में 6, बैरिया में 4, बेलटिकरा में 15, सेमरी में 1 4 हैंडपंप खराब मिले। इसी प्रकार अन्य ग्राम पंचायतों में कहीं एक तो कहीं दो हैंडंपप रिपेयर योग्य मिले।
इस संबंध में सीडीओ रामसिंहासन प्रेम ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया गया कि वह 31 मई तक खराब हैंडपंपों के मरम्मत की व्यवस्था करें जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।