महराजगंज। जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसान परेशान हैं कि खेत में लगी पूंजी इस बार फिर बर्बाद हो गई। सर्वधिक नुकसान तिलहन, दलहन की फसल को हुआ है। कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक शुक्रवार रात हुई ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ है। जिले में कई स्थानों पर ओलवृष्टि से खेत पट गया। किसान खेत में जमी बर्फ की चादर को हटाने में लगे रहे। रात में चमक और तेज हवा के साथ हुई बारिश फसलों पर मुसीबत बनकर टूटी।
एक घंटे तक लगातार हुई ओलावृष्टि से खेतों में बोई गई फसल और सब्जी को काफी नुकसान पहुंचा है। विकास खंड बृजमनगंज, फरेंदा, धानी, लक्ष्मीपुर और निचलौल आदि क्षेत्रों में किसानों की फसल प्रभावित हुई है। ओलावृष्टि ने फलदार वृक्षों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। किसान दिनेश चंद पांडेय, राममनोहर यादव और हरेंद्र प्रसाद आदि ने बताया कि ओलावृष्टि से सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। शुक्रवार रात में आसमान में बिजली इतनी तेज चमकी की बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई। बारिश के साथ जमकर ओले पडे़। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि जिले में 7 एमएम बारिश हुई है। आने वाले दो तीन दिनों में मौसम खराब होने की संभावना है। जिला कृषि अधिकारी रवि मणि तिवारी ने बताया कि ओलावृष्टि से कितनी फसल बर्बाद हुई है, इसका आकलन करने के लिए सर्वे कराया गया जाएगा।
लेहड़ा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लेहड़ा ग्रामसभा के बीती रात हुई बारिश के साथ ओले गिरने से सब्जी के साथ दलहन, तेलहन, आलू, गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। बीती रात लेहड़ा ग्रामसभा के हरदयालजोट, महजीदिया, करीमपुर, छोटी बदलबाग, अजायदनगर टोले पर लगभग 4 किमी की परिधि में हुई बरसात के साथ भारी मात्रा में ओले गिरने से दलहन, तेलहन, आलू, सब्जी की फसल में कई लाखों का नुकसान हुआ है। फागु निवासी करीमपुर ने बताया कि आधे घंटे तक ओले पड़ने से फसले पूरी तरह नष्ट हो गई है। कैलाश सोनकर ने बताया कि आलू के साथ सरसों व मटर भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रसाद निवासी हरदयालजोट ने बताया 30 पेड़ बैर के तैयार थे। जिससे हर वर्ष 15 से 20 हजार रुपये की बिक्री होती थी, लेकिन सब बर्बाद हो गया। इस संबंध में फरेंदा तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि सर्वे कराया जा रहा है, जिसका भी नुकसान हुआ है, उसे मुआवजा दिया जाएगा।
ओलावृष्टि से किसान की मौत
ठूठीबारी। कोतवाली ठूठीबारी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा भरवलिया टोला बसंतपुर निवासी किसान घिसियावन (48) की शुक्रवार की शाम हुए ओलावृष्टि की चपेट में आने से बीमार पड़ गए थे। इलाज के लिए ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। लोगों ने बताया कि घिसियावन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए निचलौल तहसील कार्यालय पर आवेदन जमा कर वापस घर जा रहे थे। लौटते वक्त देर शाम करीब छह बजे बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि की चपेट में आ गए थे। इलाज के लिए ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक घिसियावन सात बच्चों, एक बूढ़ी मां व पत्नी प्रभावती देवी कुल नौ सदस्यों में एकलौता कमाऊ सदस्य था। इस संबंध में तहसीलदार राहुलदेव भट्ट का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल असगर अली को मामले में रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। राजस्व विभाग से आवश्यक लाभ दिया जाएगा।
बिजली की चपेट में आने से वृद्ध की मौत
ठूठीबारी। जिगिनिहवां में बिजली की चपेट में आने से एक वृद्ध गंभीर रूप से झुलस गया था। परिजन इलाज के लिए निचलौल स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के किसुनपुर टोला जिगनीहवां निवासी छोटे लाल शर्मा (50) शनिवार की सुबह अपने घर में इनवर्टर के पास लगे स्विच को ऑन कर रहे थे। उसी दौरान अचानक बिजली चमकी और उन्हें करंट का तेज झटका लगा। परिजन इलाज के लिए निचलौल स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।