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जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं, कौन करे इलाज

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जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं, कौन करे इलाज
मरीजों को झेलनी पड़ती है परेशानी, मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों से कराना पड़ रहा उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला अस्पताल में हृदय रोग के विशेषज्ञ नहीं है। इससे जिले में मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना मजबूरी हो गया है। बहुत से मरीज विवश होकर प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि हृदय रोगियों के इलाज को अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ रहती जा रही है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले हृदय रोगी इलाज के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन हृदय रोग से संबंधित चार-पांच मरीज आते हैं, लेकिन इसके इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीज वापस चले जाते हैं। अस्पताल की ओपीडी के अन्य चिकित्सक हृदय रोग के मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज इलाज कराने की सलाह देकर लौटा देते हैं। अस्पताल में इलाज की व्यवस्था न होने से मरीजों को प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज के लिए भटकना पड़ता है अथवा वह दूसरे जिले में इलाज के लिए जाने को विवश होते हैं।
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चेहरी गांव के रामसूरत प्रसाद ने कहा कि कुछ दिन पहले उनके सीने में दर्द हुआ था। जिला अस्पताल में इलाज के लिए जाने की इच्छा हुई लेकिन लोगों ने बताया कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। विवश होकर गोरखपुर के एक प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं। उनका कहना था कि जिला अस्पताल में तो कम से कम एक हृदय रोग विशेषज्ञ होना ही चाहिए। ताकि मरीजों का इलाज हो सके।
नाथनगर निवासी जमालुद्दीन ने बताया कि वह उच्च रक्तचाप के मरीज हैं। बिना दवा के काफी दिक्कत होती है। जिला अस्पताल में जाते हैं तो हृदय रोग के विशेषज्ञ नहीं है। फॉर्मासिस्ट से सलाह ली तो उन्होंने बताया कि यहां चिकित्सक नहीं है, गोरखपुर जाकर इलाज कराएं। अब गोरखपुर के चिकित्सक से ही इलाज करा रहे हैं।
पतरेंगवा निवासी लेखराज प्रसाद ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराना अब मजबूरी हो गई है। जिला अस्पताल में अगर विशेषज्ञ चिकित्सक होते तो इलाज में परेशानी नहीं होती और सस्ते में इलाज भी हो जाता। गोरखपुर में एक चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
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सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि अस्पताल में हृदय रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के लिए कई पत्र भेजे गए हैं। हर माह चिकित्सकों की सूची निदेशक को भेजी जाती है। जिला अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों को मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि हर रोज कम से कम चार मरीजों को गोरखपुर भेजा जाता है।
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