नौतनवां। पूर्व सांसद अखिलेश सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को सेना के हवाले करने की मांग की है। बुधवार को पत्रकार वार्ता में बाढ़ पीड़ितों के प्रति शासन-प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
पूर्व सांसद ने कहा कि नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाली नदियों चंदन, प्यास, झरही, बघेला, महाव, रोहिन डंडा और सोनिया नाला की प्रलयकारी बाढ़ ने नौतनवां, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर, महराजगंज सदर का चेहरी और पनियरा ब्लाक में भारी तबाही मचा रखा है। विगत तीन दिनों से नौतनवां ब्लाक का चकदह, करैता, चूड़ीहारी, बनरहवा, शीशमहल, सीहाभार, जिगिनियहवा, मनिकापुर, गनेशपुर, बेलहिया, हरपुर पाठक, पडऱहवा, थुमटहवा, नेमुहवां का इलाका पूरी तरह से जलमग्न है। नौतनवां ठूठीबारी मार्ग के उत्तर खैरहवा दूबे और चकरार पिछले आठ दिनों से बाढ के पानी से घिरा है। लक्ष्मीपुर ब्लाक का रघुनाथपुर, अमहवा, रानीपुर, खालीगढ़, गौहरपुर, रजापुर, करीमदारपुर, शहीद, महराजगंज सदर का जगपुर एवं फुरसतपुर का पूरा इलाका पिछले चार दिनों से पानी से चौतरफा घिरा है। अभी तक इन गांवों में सरकारी सहायता नही के बराबर है। जो इलाका पानी से घिरे हैं। उनमें बाढ़ जनित बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। नारायणी नदी की बाढ़ से सोहगीबरवां, कलनही, डोमा का संपूर्ण इलाका त्राहि-त्राहि कर रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन को तत्काल प्रदेश के मुख्य सचिव से वार्ता कर जनपद के पूरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को सेना के हवाले कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से घिरे सभी गांवों में हेलिकाप्टर से राहत सामग्री और दवाएं पहुंचाई जाएं।