हॉटकुक्ड वितरण पर मोबाइल से रखी जाएगी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले हाटकुक्ड के वितरण पर मोबाइल के माध्यम से नजर रखी जाएगी। बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सर्वे प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत जिले में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मार्च माह तक एंड्रायड मोबाइल मिलेंगे। मोबाइल में मौजूद एप्लीकेशन के संचालन की तकनीकी जानकारी देने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं जनवरी माह में प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। उम्मीद है कि मार्च माह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एंड्रायड मोबाइल से सर्वे प्रक्रिया ऑनलाइन करना शुरू कर देंगे।
जिले में 3133 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 2913 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। कुल 13 परियोजनाओं पर 6 वाल विकास परियोजना अधिकारी तैनात हैं। 55 सुरपरवाइजरों के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पर्यवेक्षण कराया जाता है। सरकार की मंशा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सुविधाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिले, इसके लिए एंड्रायड मोबाइल का उपयोग किए जाने की तैयारी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल में मौजूद एप्लीकेशन के माध्यम से सूचनाओं को अपडेट कराना होगा। योजना में धांधली न हो, इसके लिए सरकार तकनीकी का सहारा लेेने की तैयारी है। एप्लीकेशन के माध्यम से केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों की संख्या व उनमें से कितने बच्चों को गर्म भोजन दिए जा रहे हैं, इसकी जानकारी ली जा सकेगी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण मिशन के तहत योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता क्षेत्र में जाती हैं अथवा नहीं, इसकी जानकारी भी मोबाइल के माध्यम से तत्काल लखनऊ पहुंच जाएगा। जहां बैठे अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण करेंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाइजरों को जिले एवं ब्लॉक स्तर पर जनवरी माह में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल में मौजूद एप्लीकेशन पर कार्य कैसे करना करना है, इसके बारे में बताया जाएगा। उन्हें सिखाया जाएगा कि सर्वे को कैसे फीड करना है। आंगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन की अध्यक्ष छाया भारती ने बताया कि मोबाइल से परेशानी बढे़गी। पहले से ही कार्यकर्ता काफी काम कर रहे हैं। मानदेय भी बढ़ जाता तो बेहतर रहता। वहीं जिला मंत्री मीरा देवी कहती हैं कि मानदेय कम है और काम ज्यादा लिया जा रहा है। मोबाइल के साथ जब प्रशिक्षण मिल जाएगा तो यह पता चलेगा कि काम कैसे करना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि मार्च माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्रायड मोबाइल मिलेगा। जनवरी माह में प्रशिक्षण के माध्यम से यह बताया जाएगा कि काम कैसे करना है। यह सारी कवायद योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के लिए की जा रही है। इससे पेपर वर्क भी कम होगा। मौके से ही सर्वे रिपोर्ट भेजी जा सकेगी। एप की खासियत होगी कि नेटवर्क नहीं मिलने पर भी एप्लीकेशन में फीडिंग हो सकेगी। नेटवर्क मिलते ही फीडिंग ऑनलाइन हो जाएगी।