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आश्रय गृह में ‘आश्रय’ नहीं ले रहे मजदूर

Sun, 16 Sep 2018 11:21 PM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
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अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। नगर क्षेत्र के चिऊरहां साधन सहकारी समिति के पास नगर विकास अभिकरण विभाग ने शहरी आश्रय विहीन मजदूरों के लिए आश्रय गृह का निर्माण कराया है। कमरों में पंखा, बेड, लाइट की व्यवस्था है। बावजूद इसके आश्रय गृह में कोई मजदूर नहीं रुकता है। एक करोड़ पचासी लाख की लागत से बने आश्रय गृह में 50 मजदूरों के रहने की व्यवस्था है।
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शहर में काम करने वाले आश्रय विहीन मजदूर, सड़कों पर रात गुजारने वाले लोग, दिव्यांग समेत अन्य लोगों के इस आश्रय गृह में रात गुजारने की व्यवस्था की गई है। आश्रय गृह के कमरों में गद्दे, बेड हैं, लेकिन चादर नहीं है। रसोई घर सूना पड़ा है। जबकि आश्रय गृह के नियम के मुताबिक सस्ते दर पर मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करना भी है। मनोरंजन कक्ष बना है, लेकिन टीवी नहीं है। आश्रय गृह के कुछ कमरों में लोगों ने ठिकाना बना रखा है। सीढ़ी के पास बिजली का तार पड़े हैं। नए भवन की साफ-सफाई भी दुरूस्त नहीं है। आश्रय गृह के प्रबंधक कृष्णमोहन ने बताया कि अब तक 31 लोग आकर रुक चुके हैं। रजिस्टर में उनका नाम दर्ज है। गैस सिलेंडर और भोजन बनाने वाले नहीं हैं। रसोई शुरू नहीं हो सकी है। डूडा के परियोजना अधिकारी सत्येंद्र त्रिपाठी ने बताया कि चार माह पहले ही नगर पालिका को आश्रय गृह को हैंडओवर कर दिया गया है। प्रबंधक रखने और व्यवस्था संचालित करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र कुमार राव कहना है कि प्रयास रहेगा की पात्रों को आश्रय गृह की सुविधा का लाभ मिले। नियम के अनुसार जो सुविधा मिलनी चाहिए, उसे देने का प्रयास किया जा रहा है।
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