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सुबह मंदिर में पूजा, शाम को आभूषण की खरीदारी

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सुबह मंदिर में पूजा, शाम को आभूषण की खरीदारी
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। लोगों ने मंगलवार को अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया। सुबह मंदिरों में जाकर पूजा की और दान किया। इसके बाद लोगों ने सोने, चांदी के आभूषण के साथ ही वाहन की खरीदारी भी की।
विद्वानों के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा कर ब्राह्मण को पंखा, छाता आदि भी दान करना चाहिए। कल्प आदि के अलावा त्रेता युग का प्रारंभ इसी दिन हुआ था। पितरों के निमित्त भी दान करने का विधान है। इसी तिथि पर भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। जो वेद के साथ ही शस्त्र विद्या में भी पारंगत थे। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीय पर्व से ही खेतों की जुताई, गुड़ाई शुरू होती है। इस तिथि पर खेत की जुताई करने से धन संपदा प्राप्त होती है और समय पर वर्षा होती है। खेतों में प्रचुर मात्रा में अन्न की पैदावार होती है।
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सोना के भाव में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष इजाफा के बावजूद सराफा बाजार में महंगाई का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लोगों ने शुभ मानकर अपने बजट के अनुसार स्वर्ण और स्वर्ण निर्मित नए और फैंसी आभूषण खरीदने में कोई कोताही नहीं बरती। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप के कारण सराफा बाजार में उतने ग्राहक नहीं दिखे, लेकिन सूर्यास्त के बाद दुकानों पर स्वर्ण आभूषणों को खरीदने के लिए भीड़ जुटी रही। नगर के सराफा की दुकानों पर ग्राहकों को सोने के सिक्के सहित आकर्षक हार, कंगन, चूड़ी, लाकेट, चेन, झूमका, बाली, अंगूठी, टप्स, नथिया, बिंदी आदि आभूषण ग्राहकों को खूब पसंद आए। नगर के साथ ही ग्रामीण अंचलों से भी आए ग्राहकों ने आभूषण की खरीदारी की। नगर के सराफा कारोबारी काशीनाथ वर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर ग्राहकों को स्वर्ण निर्मित छोटे-बड़े गहनों सहित अन्य आभूषण भी खूब पसंद आए।
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