कोटेदार ई-पॉस को कर रहे बाईपास
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक कोटेदारों को ई-पॉस मशीन दिए गए हैं। कहीं मशीन से कार्डधारकों की पहचान नहीं हो पा रही है तो कई जगह कार्डधारकों को निर्धारित से कम मात्रा में खाद्यान्न दिए जा रहे हैं। कार्डधारकों की शिकायत है कि कोटेदार कम खाद्यान्न आने का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं। उधर खाद्य एवं रसद विभाग का दावा है कि इस तरह की शिकायत किसी ने नहीं की है। अगर ऐसी शिकायत मिलेगी तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किलो गेहूं एवं 15 किलो चावल दिए जाने की व्यवस्था है। पात्र गृहस्थी के कार्डधारक को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलता है।
जिले में 993 कोटेदार ग्रामीण इलाकों में हैं जबकि 54 शहर क्षेत्र में हैं। इन सभी को इलेक्ट्रानिक प्वांट आफ सेल (ई-पॉस) मशीन दी गई है। जिले में पात्र गृहस्थी के करीब 4 लाख कार्डधारक हैं जबकि अंत्योदय के 66619 कार्डधारक हैं। ई-पॉस मशीन लगने से कार्डधारकों को उम्मीद थी कि अब खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी और कालाबाजारी पर लगाम लगेगा लेकिन गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। लोगों का आरोप है कि कोटेदार खाद्यान्न वितरण के दौरान एक या दो किलो प्रति कार्ड राशन देकर दायित्व की इतिश्री कर देते हैं। अगर कोई शिकायत करता है तो कम खाद्यान्न आने का बहाना बनाकर शिकायतकर्ता को खामोश करा देते हैं। चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो अथवा शहरी, हर जगह कोटेदार कम राशन मिलने का बहाना बनाकर प्रति कार्ड राशन कम कर देते हैं। कोटेदारों के इस खेल को कार्डधारक समझ नहीं पा रहे हैं। उन्हें समझाकर कोटेदार आसानी से अपने मकसद में कामयाब हो जा रहे हैं। शहर क्षेत्र निवासी रामबरन ने बताया कि बीते माह राशन लेने के दौरान कोटेदार ने ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद जब राशन देने की बारी आयी तो दो किलो कम दिया। पूछने पर कोटेदार ने बताया कि इस बार कम राशन मिला है, उसने अगली बार पूरा राशन दिए जाने का आश्वासन दिया। निचलौल कस्बे के सुरेंद्र ने बताया कि राशन डेढ़ किलो कम मिला। शिकायत पर कोटेदार ने अगले महीने में पूरा खाद्यान्न दिए जाने का भरोसा दिया। उनका कहना था कि विरोध का भी कोई मतलब नहीं है। किसी तरह राशन मिल जा रहा है। शिकायत की कोई सुनवाई नहीं होती है।
जिले के चौमुखा, परतावल, सिंदुरियां, तरकुलवां, पकड़ी खुर्द, सवरेजी, सवना, पिपरा बाबू, गौनरिया बाबू समेत अन्य गांवों में ई-पॉस मशीन में गड़बड़ी सामने आई। तमाम लोगों का पहचान ही नहीं मशीन से मिल पाया। इससे संबंधित कार्डधारकों को दिक्कत हुई। वहीं विभाग का दावा है कि ज्यादातर समस्याएं दूर कर दी गई हैं। डीएसओ गौरीशंकर शुक्ल का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। कार्डधारकों को चाहिए कि वह अंगूठा लगाने के बाद पूरा राशन लें। अगर कोई कार्डधारक शिकायत करेगा तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में 970 ई पॉस मशीन दुरुस्त करा दिए गए हैं। जहां नेटवर्क की समस्या है, वहां ब्राड बैंड लगवाने की व्यवस्था की जा रही है। ई पॉस मशीन से पूरी पारदर्शिता के साथ राशन वितरण किया जा रहा है।