ग्राम सचिवों पर कसेगा शिकंजा, नहीं चलेगी बहानेबाजी
सीडीओ ने बीडीओ से मांगा ग्राम सचिवों का रोस्टर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। समय से तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचने वाले ग्राम सचिवों की बहानेबाजी अब नहीं चलेगी। प्रशासन ऐसे ग्राम सचिवों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीडीओ पवन अग्रवाल ने खंड विकास अधिकारियों से ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों का रोस्टर मांगा है।
सीडीओ ने बताया कि जिले में कुल 923 ग्राम पंचायतें हैं। जबकि इन गांवों में विकास का काम देखने के लिए 97 ग्राम विकास अधिकारी तथा 67 ग्राम पंचायत अधिकारी तैनात हैं। ग्राम पंचायतों की तुलना में ग्राम सचिवों की संख्या काफी कम है। इससे एक-एक ग्राम सचिवों पर 5-5 , 6-6 ग्राम पंचायतों का प्रभार है। एक ग्राम सचिव के पास कई गांव का प्रभार होने की वजह से कभी-कभी अधिकारियों के मौके पर जाने के बाद संबंधित ग्राम सचिव नहीं मिलते थे। पता करने पर बताया जाता था कि वे दूसरे गांव में हैं। ऐसे में अब ग्राम सचिवों को निर्धारित तिथि पर निर्धारित ग्राम पंचायतों में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए रोस्टर व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि रोस्टर के हिसाब से जब ग्राम सचिव गांव में मौजूद रहेंगे तो कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाएगा।
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रोस्टर के बाद होगा औचक निरीक्षण
महराजगंज। सीडीओ पवन अग्रवाल ने कहा कि रोस्टर बन जाने के बाद वे स्वयं गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे। अगर गांव में ग्राम सचिव मौजूद नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने सभी ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम सचिवों को निर्देशित किया है वे रोस्टर के हिसाब से निर्धारित दिवस पर गांव में मौजूद रहें।