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पक्षियों का बसेरा बना सोहगीबरवा का सिंगरहना ताल

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पक्षियों का बसेरा बना सोहगीबरवां का सिंगरहना ताल
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सुरक्षा इंतजाम से बढ़ी पक्षियों की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र वन जीवों के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। लेकिन उसमें भी मधवलिया रेंज के सिगरहना ताल इन दिनों पक्षियों के प्रवास के लिए सबसे अनुकूल माना जा रहा है। इस भीषण गर्मी में पक्षी सबसे ज्यादा मधवलिया वन क्षेत्र को पसंद कर रहे हैं। जहां विभिन्न प्रकार के पक्षी अपना बसेरा बनाए हुए हैं। साथ ही वन विभाग भी इन पक्षियों के प्रवास की व्यवस्था और सुरक्षा की निगरानी में हैं। पक्षियों में सबसे ज्यादा तोता दिखायी देते हैं। जो वन क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाते हैं।
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मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी जगरनाथ प्रसाद ने बताया कि पक्षियों के रहने के लिए तो वैसे पूरा वन क्षेत्र अनुकूल है। लेकिन कुछ ऐसे विशेष जगह है। जहां पक्षी अपना बसेरा बनाना चाहते हैं। मधवलिया वन क्षेत्र के सिगरहना ताल, गनेशपुर, मानिकपुर, बसौली व चौक रेंज का घोड़हवा क्षेत्र विशेष रूप से महत्व रखता है। सिंगरहना ताल में तो गर्मियों के दिनों में विदेशी पक्षी भी अपनी बसेरा बना लेते हैं। पूरा गर्मी यहीं बीताते हैं। उन्होंने बताया कि जंगल मे ताल व छोटे तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। पक्षियों के साथ अन्य वन्य जीवों के प्यास बुझाने के लिए वाटर होल बनाये गए हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी पक्षी की तस्करी नहीं हो रही है। वर्षो पूर्व एक मामला तोता की तस्करी का आया था। जो विभाग के सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया। वन क्षेत्र में केवल लगभग तीस हजार के करीब तोता सहित अन्य प्रजाति के पक्षी के निवास करते हैं।
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