महराजगंज। महराजगंज डिपो की 57 पुरानी के साथ नौ अनुबंधित बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन वाहन की तकनीकी गड़बड़ी दूर करने के लिए वर्कशाप में कर्मियों की कमी है। 15 स्वीकृत पदों के सापेक्ष सिर्फ नौ की तैनाती है। इसके चलते वाहनों की खराबी दूर करने में कई दिन लग जा रहा है। इससे कई रूटों पर बसें रद्द करनी पड़ती है। सर्वाधिक समस्या लंबे दूरी के व अधिक फेरा लगाने वाले वाहनों की है।
महराजगंज बस डिपो से गोरखपुर ही नहीं लखनऊ व वाराणसी तक बसों का संचालन होता है। लंबी दूरी तय करने के कारण बसों में समस्या आती रहती है। इसे दूर करने के लिए बस डिपो की वर्कशाप धनेवा धनेई में बना है, लेकिन यहां कर्मियों की कमी बनी है। 15 कर्मियों के पद स्वीकृत है, लेकिन तैनाती सिर्फ 9 कर्मियों की ही है। ऐसे में बसों की खराबी दूर करने में कई दिन लग जा रहे हैं।
पांच गाड़ियां कई दिन से खराब हैं, लेकिन इसे अभी नहीं बनाया जा सका। किसी बस में बल्ब न जलने की समस्या है तो किसी के स्टार्टिंग प्वांइट में परेशानी है। कर्मियों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। महराजगंज डिपो के वर्कशॉप में तीन फिटर के पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक की तैनाती है। दो इलेक्ट्रीशियन के पद स्वीकृत हैं, लेकिन दोनों खाली हैं। टायर मैन के दो पद हैं, लेकिन एक पद पर तैनाती है। कारपेंटर व लोहार के दो-दो पद खाली है। सहायक मैकेनिक के तीन पद में एक पद खाली चल रहा है। फोरमैन पर एक की तैनाती है।
-
वर्कशाप में कर्मियों की नितांत आवश्यकता है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए नई भर्ती के लिए मांग की गई है, लेकिन अभी कोई जवाब नहीं मिला है।
-सर्वजीत वर्मा, एआरएम, रोडवेज