पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग चलती है योजना, ऋण जमा करने में रुचि नहीं दिख रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड की ओर से वितरित करीब 50 लाख रुपये के ऋण को पिछड़ी जाति के 147 बकायेदार दबाकर बैठे हैं। पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से इन बकायेदारों को नोटिस भी भेजी गई है। इसके बावजूद बकायेदार ऋण जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग अब दोबारा बकायेदारों को नोटिस भेजने जा रही है। इस पर भी बकायेदार नहीं चेते तो आरसी जारी की जाएगी।
पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की ओर से वर्ष 1994 से लेकर 2006 तक 200 से अधिक लोगों को ऋण वितरित किया गया है। टर्मलोन योजना के तहत बांटे गए इस ऋण का उद्देश्य था कि पिछड़ी जाति के ऐसे लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए जो धन की कमी की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
विभाग की ओर से 200 से अधिक लोगों को ऋण वितरित कर दिया गया। इनमें से अब तक 50 से अधिक लोगों ने अपने ऋण को पूरा जमा कर दिया है। जबकि 147 लोग अब भी करीब 50 लाख का मूलधन दबाए बैठे हैं। यदि ब्याज कर साथ इस धनराशि को जोड़ा जाए तो यह धनराशि लाखों रुपये में जाएगी। कुछ बकायेदार इस चक्कर में ऋण नहीं जमा कर रहे हैं कि हो सकता है कि एक बार फिर ऋणमाफी हो जाए।
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विभाग के टॉप टेन बकायेदार का विवरण
जाबिर अली- 1,10,000
धर्मेंद्र कुमार1,10,000
शब्बीर अहमद-83,625
दयाराम83,625
कुशहर-80,000
बाबूनन्दन80,000
बलराम70,000
प्रेमप्रकाश64,000
देवीशरण-60,250
विनोद कुमार-60,000
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कोट
टर्मलोन के रूप में पिछड़ा वर्ग के आवेदकों पर करीब 50 लाख रुपये का मूलधन बकाया है। उसे जमा कराने के लिए बकायेदारों को समय-समय पर नोटिस भेजी जाती है। इसमें से कुछ गंभीरता दिखाते हुए जमा करते हैं। जबकि अधिकतर शिथिलता दिखाते हैं। वे यह सोचकर नहीं जमा कर रहे हैं कि कर्जमाफी हो जाएगी तो उनका ऋण माफ हो जाएगा।
-कन्हैया यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी