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कोल्ड डायरिया और निमोनिया के बढ़ने लगे मरीज

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डायरिया, निमोनिया ने बोला हमला, कई भर्ती
बच्चाें, बुजुर्गों की हालत खराब, सांस लेना दूभर
ठंड में संभलकर रहने की सलाह दे रहे चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मौसम के बदलते मिजाज से कोल्ड डायरिया, निमोनिया सहित कई बीमारियों ने हमला बोल दिया है। जिला अस्पताल के साथ निजी चिकित्सालयों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हफ्ते भर में ऐसे मरीजों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। शनिवार को सत्यम, शिवपुजन, शहनवाज सहित कई मरीज भर्ती रहे।
जिला अस्पतपाल के डॉ. एएम भाष्कर ने कहा कि हृदय और सांस के रोगियाें को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही पर दिल, दिमाग पर अटैक पड़ सकता है। रोगियों को गर्म कपड़े पहनने के साथ कान भी ढक कर रखना चाहिए। हवाएं चल रही हैं तो सांस के रोगी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी राय ने कहा कि मौसम में परिवर्तन के कारण बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ रही है। अधिकतर बच्चे जुकाम, बुखार व निमोनिया व कोल्ड डायरिया के इलाज के लिए आ रहे है। प्रति दिन चार से पांच बच्चे कोल्ड डायरिया से पीडित इलाज के लिए आते है। बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह इस बदलते मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें बच्चों को पूरी तरह से गर्म कपड़े पहनाकर रखें, सर्द हवाओं के बीच उन्हें बाहर निकले दें। सीएमएस डॉ. आरबी राम ने कहा कि ठंड को देखते हुए जिला अस्पताल के सभी डाक्टरों को एर्लट कर दिया गया है। अस्पताल में साफ सफाई को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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हफ्ते भर में अस्पताल पहुंचने वालों की संख्या
18 दिसंबर 1372
19 दिसंबर 1210
20 दिसंबर 1133
21 दिसंबर 1095
22 दिसंबर 1097
24 दिसंबर 1277
25 दिसंबर 730


धुआं, धूल और कोहरे से बचना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला अस्पताल में सांस के रोगी अब बढ़ने लगे है। करीब 15 से 20 मरीज नियमित इलाज को पहुंच रहे हैं। डाक्टरों द्वारा सलाह दी जा रही है कि ऐसे सांस के रोगी धुआं धूल व कोहरे से अपना बचाव करें। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरबी राम ने कहा कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी सेवा में नियमित करीब चार से पांच मरीज सांस की बीमारी के आ रहे है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मरीज गुनगुना पानी का इस्तेमाल करें। अगर ज्यादा जरूरत न हो तो ठंड में न निकले। अगर ठंड में जाना ही पडे तो कान, गला को ढककर ही निकलें।

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