व्रत रख सुहागिनों ने की पति की लंबी उम्र की कामना
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हरतालिका तीज उत्साह के साथ मनाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन शहर से लेकर गांव तक हरतालिका तीज की पूजा की तैयारी में महिलाएं जुटी रहीं। हर घर में भक्ति मय माहौल था। माता गौरी की आराधना में व्रती महिलाएं लीन थीं। शाम को शिवालयों तथा शक्ति पीठों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। व्रती सुहागिनों ने शिव-पार्वती की पूजा कर पति की दीर्घायु के लिए मंगल कामना की। सुबह से ही बिना जल ग्रहण किए व्रती महिलाएं सायं 6 बजे शंकर-पार्वती की बालू की प्रतिमा बनाकर उस पर सिंदूर, दही, पान का पत्ता, अगरबत्ती व कपूर जलाकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। श्रीश्याम मंदिर के पुजारी के अनुसार व्रती महिलाएं शुक्रवार की सुबह आठ बजे के बाद निराजल व्रत को जल ग्रहण कर तोड़ेंगी। पौराणिक मान्यता यह है कि इस व्रत को करने वाली सुहागिन महिलाएं माता पार्वती के समान सुखपूर्वक शिवलोक को जाती हैं। पं. रमेश शर्मा ने बताया कि कथा के अनुसार माता पार्वती ने जंगल में जाकर भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए लगातार तप किया था। इसके बाद प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तपस्या और निष्ठा का व्रत महिलाएं यह व्रत रखती हैं। इस व्रत का खास तौर पर उत्तर भारत में विशेष महत्व है। कहते हैं कि इस व्रत को करने से सुहागिनों को उनके पति सात जन्मों तक मिलते हैं।