महराजगंज-निचलौल। नारायणी के रेता में भैंस चराने गए कुछ चरवाहे और ग्रामीण अचानक बढे़ जलस्तर में घिर गए। किसी तरह जान बचा कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिया और मोबाईल के जरिये घर वालों को खुद के बाढ़ में फंसने की जानकारी दी। ग्रामीणों की सूचना पर अलर्ट हुआ प्रशासन सोमवार की दोपहर सेना के हेलिकाप्टर व एनडीआरएफ के संयुक्त रेस्क्यू आपरेशन के जरिए 49 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें 23 लोग पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के भी बचाए गए हैं।
डीएम के निर्देश एसडीएम खुद ही एनडीआरएफ की 18 सदस्यीय एक टीम लेकर राहत व बचाव कार्य में जुट गए। नदी की तेज बहाव में एनडीआरएफ की टीम दिशा भटक कर जंगल में पहुंच गई स्थिति अनियंत्रित होता देख एनडीआरएफ जवानों ने डोमा बीट की जंगल में स्टीमर किनारे लगाकर एक पेड में रस्सी बांध जंगलों रात गुजारी, जिसे लेकर प्रशासन भी पुरी रात हलकान रहा। इधर देर शाम से ही डीएम वीरेन्द्र कुमार सिंह व एसपी आरपी सिंह दल बल के साथ मौके पर डटे रहे। जिलाधिकारी की डिमांड पर करीब 11 बजे टेलफाल पहुंचा हेलीकॉप्टर अपना रेस्क्यू आपरेशन शुरु किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस रेस्क्यू आपरेशन में दो सिफ्ट में 45 लोगों को निकाला गया, जबकि नदी के बीचों बीच एक टापू पर फंसे चार लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।