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स्वास्थ्य

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जिले में 14 सीएचसी, दंत रोग चिकित्सक मात्र दो
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महराजगंज। जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मात्र दो में ही दंत रोग विशेषज्ञ मौजूद हैं। लिहाजा जनपद के दंत रोगियों को निजी डॉक्टरों के पास महंगे इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
जिले के सीएचसी में डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती नहीं होने से लोगों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। 14 सीएचसी पर महज दो दंत रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। दांत दर्द से कराहते लोगों को अस्पताल में पहुंचने पर आराम नहीं मिलता। जानकारी के मुताबिक एक सीएचसी पर प्रत्येक दिन 10 से 12 दांत के मरीज पहुंचते हैं। इस प्रकार औसतन एक दिन में सभी सीएचसी पर करीब 120 मरीज दंत रोग से पीड़ित आते हैं, जिनको वापस जाना पड़ता है। एक सीएचसी के दायरे में करीब एक लाख की आबादी को सेहतमंद बनाने का जिम्मा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर में डॉ. जितेंद्र चौहान एवं परतावल में डॉ. विशेष सिंह की तैनाती है। इसके अलावा जिले के किसी भी सीएचसी पर दंत रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। रतनपुर, लक्ष्मीपुर, बृजमनगंज, मिठौरा, निचलौल, सिसवां, गोपाला, घुघली, मंसूरगंज, धानी, फरेंदा एवं नौतनवां सीएचसी पर दंत रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। यहां दंत रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से क्षेत्र के लोगों का इलाज बेहतर ढंग से नहीं हो पाता है।
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केस नंबर एक--पकड़ियार विशुनपुर युगल किशोर शर्मा को दो माह पहले दांत में दर्द था, जिसको दिखाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघली आए तो पता चला की डॉक्टर यहां नहीं हैं। एक हजार रुपया खर्च कर महराजगंज निजी डॉक्टर से इलाज कराया।
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केस नंबर दो--भुवनी गांव के रहने वाले हरि नरायन सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले अचानक दांत में दर्द हुआ तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, यहां दर्द की दवा लेकर घर आया। नीजी अस्पताल में 1200 रुपये खर्च कर इलाज कराया।
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केस नंबर तीन--दांत साफ करने के लिए खानपुर गांव के रहने वाले राम नगीना सीएचसी पर दो दिन पहले आए। यहां इलाज की सुविधा नहीं मिली तो 1300 रुपये खर्च की नीजी डॉक्टर से इलाज कराया।
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केस नंबर चार--विश्वनाथपुर गांव के रहने वाले इंद्रासन सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले दांत में दर्द हुआ तो सीएचसी पर पहुंचा। दंत रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर महराजगंज निजी डॉक्टर से इलाज कराया। 1100 रुपये खर्च हुए थे।
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चिकित्सकों की कमी की सूचना शासन को भेज दी गई है। जिले में डॉक्टर आएंगे तो उनकी तैनाती संबंधित सीएचसी पर कर दी जाएगी। वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों में बेहतर ढंग से इलाज करने का प्रयास जारी है।
-डॉ. आईए अंसारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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