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डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें छात्राएं

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डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें छात्राएं
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अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत लगा आत्मरक्षा का शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। डिवाइन पब्लिक स्कूल सीनियर सेकेंड्री पड़री बुजुर्ग में अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित शिविर में विशेषज्ञों और उनकी टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। इस मौके पर सविना खातून, फराज अहमद, सुशील ने खुद प्रदर्शन कर छात्राओं को बारीकियां बताईं।
मुख्य अतिथि यातायात निरीक्षक बरजोर सिंह ने कहा कि छात्राएं डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। यदि कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्राएं चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब तक को हथियार बना सकती हैं। यदि अकेले ऑटो में बैठकर कहीं जाना है तो उसमें बैठने से पहले ऑटो के नंबर का फोटो ले लें या उसे याद कर लें। परिवारवालों को ऑटो का नंबर भेज दें ताकि उन्हें पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
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जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के जिला सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो उसका डटकर मुकाबला करें। अगर आपने हिम्मत से काम लिया तो सामने वाला कोई हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा। छात्राएं अगर नियमित व्यायाम करती हैं तो न सिर्फ वे स्वस्थ्य रहेंगी बल्कि स्फूर्ति भी बनी रहेगी। प्रधानाचार्य आलोक रंजन त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं अबला नहीं हैं। वे मेहनत और हौसले के दम पर आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान सिद्धार्थ पांडेय, रीना गुप्ता, वंदना, प्रीती, शलिनी, श्वेता, निकीता, मोनिका, शारदा आदि मौजूद रहीं।

बोली छात्राएं

अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत लगे आत्मरक्षा शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला है। इससे पहले अपनी सुरक्षा का बोध नहीं था। इस मुहिम से छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा।
- अग्रिमा त्रिपाठी

अब हमें डरने की जरूरत नहीं
अब डर नहीं लगेगा क्योंकि शिविर में बचाव का बेहतर तरीका बताया गया है। मैं स्वयं को कमजोर महसूस नहीं करूंगी। यदि कोई छेड़छाड़ की हिम्मत करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
- श्वेता वर्मा

ऐसे आयोजन होने चाहिए
मन में जो डर था, वह अब समाप्त हो गया है। आत्मरक्षा के तरीके सीख लिए हैं। यह मेरे जीवन में काम आएंगे। ऐसे आयोजनों होते रहने चाहिए ताकि छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
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- श्रेया चित्रांशी

प्रशिक्षण से मनोबल बढ़ा
अगर कोई उल्टी-सीधी हरकत करेगा तो उसका सामना करूंगी। प्रशिक्षण से हिम्मत मिली है। शिविर में मिली जानकारी से मनोबल बढ़ा है। बचाव के जो तरीके बताए गए हैं, वह काम आएंगे।
- ज्योत्सना जायसवाल
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