नौतनवां। कारगिल विजय दिवस पर बुधवार को कारगिल युद्ध में शहीद नगर के दो वीर सैनिकों शहीद पूरन बहादुर थापा और शहीद प्रदीप थापा को पूर्व सैनिकों एवं स्थानीय लोगों श्रद्धांजलि दी और उनकी वीरता को याद किया।
नगर के छपवां तिराहे पर स्थापित पूरन बहादुर थापा एवं महेंद्रनगर मुहल्ले में स्थापित प्रदीप थापा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। गोरखा समाज के जिलाध्यक्ष मनोज राना ने कहा कि आज ही के दिन 1999 में भारतीय सेना के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए कारगिल और आसपास के चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सेना को खदेड़ दिया था। इस मुश्किल मुहिम में भारतीय सेना ने करीब अपने पांच सौ वीर सपूतों को खो दिया था। जिसमें से नौतनवां के भी दो वीर सपूत थे। जिन पर आज गर्व महसूस हो रहा है। आज उनकी ही बदौलत पूरा देश चैन से सो रहा हैं। ऐसे वीर सपूतों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान शहीद पूरन बहादुर थापा की माता सुमित्रा देवी एवं शहीद प्रदीप थापा की पत्नी हीरा थापा भी मौजूद रहीं। इस मौके पर कैप्टन हरिबहादुर गुरूंग, कैप्टन डंबर बहादुर गुरूंग, सुबेदार मेजर राम कुमार थापा, सुबेदार हेम बहादुर गुरूंग, राम बहादुर गुरूंग, राम कुमार थापा, कुमार गुरूंग, संत बहादुर थापा, तुलबहादुर थापा, मनोज थापा, गणेश थापा, राम बहादुर राई आदि मौजूद रहे।
पूर्व चेयरमैन गुड्डू खान ने समर्थकों के साथ शहीद प्रदीप थापा एवं शहीद पूरन बहादुर थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन दो वीर सपूतों पूरी बहादुरी के साथ पाकिस्तानी सेना का मुकाबला किया। इनके शहीद होने से पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है। इस दौरान दिलीप जायसवाल, बंटी पांडेय, विजयकांत यादव, अमित जायसवाल, रविन्दर गुप्ता, गणेश थापा मौजूद रहे।
पूर्वांचल राज्य निर्माण मंच ने मनाया विजय दिवस
महराजगंज। पूर्वांचल राज्य निर्माण मंच की ओर से जिला कार्यालय पर कारगिल में विजय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक लालधारी यादव ने की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना की गौरव गाथा है। बार्डर पर सैनिक देश की रक्षा करते हैं। उन्हीं की बदौलत सभी देशवासी चैन की नींद सोते हैं। इस मौके पर राम समुझ तिवारी, योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार सिंह, संजय तिवारी, भोला जायसवाल, पुष्पा देवी, रूक्मिणी, नरसिंह प्रसाद राणा, उपेंद्र तिवारी, रामदरस, विजय, शेषमणि आदि मौजूद रहे।