सिंदुरिया के विवेक, घुघली की कल्पना पीसीएस में चयनित
सफलता मिलने पर बधाई देने वालों का लगा तांता
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज/मिठौरा/सिसवां। सिंदुरिया गांव के रहने वाले विवेक प्रकाश दूबे ने उत्तर-प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस) की सत्र 2016 की परीक्षा 18वीं रैंक प्राप्त किया है। उनका चयन जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है।
वर्तमान में विवेक समीक्षा अधिकारी के पद पर लखनऊ सचिवालय में कार्यरत हैं। विवेक ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज सिसवा बाजार से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उसके बाद बीकॉम एवं एलएलबी की परीक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की। सत्र 2012 में लोअर सबार्डिनेट की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ऑडिटर पद पर चयनित हुए थे लेकिन ऑडिटर की नौकरी को छोड़कर लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी में लगे रहे। चार भाई बहनों में विवेक दूसरे नंबर पर हैं। वर्तमान में पिता छैल बिहारी दुबे निचलौल तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो के पद पर तैनात हैं। अपने पुत्र की सफलता पर माता-पिता खुश हैं। बधाई देने वालों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है।
उधर, घुघली नगर पंचायत की रहने वाली कल्पना जायसवाल का भी पीसीएस 2016 की परीक्षा में चयन हुआ है। उन्हें 32 वां रैंक मिला है। महिला ओबीसी में 10 वीं रैंक है। इसके पहले 2014 में जिला सेवा योजन अधिकारी के पद पर चयनित हुई थीं। कल्पना ने बताया कि उनका लक्ष्य आईएएस बनना है। इससे के लिए प्रयास जारी रखेंगी। निचलौल विकास खंड के ग्राम सभा भोथियाही गांव निवासी कृषक मनोज कुमार मिश्र के पुत्र आशुतोष मिश्र कोषाधिकारी के पद पर चयनित हुए हैं। आशुतोष ने अपने नाना के घर कप्तानगंज में रहकर इंटरमीडिएट तथा स्नातक की शिक्षा दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से ग्रहण की। वह इलाहाबाद में रहकर सिविल परीक्षा की तैयारी करने लगे। आशुतोष को दो बार पीसीएस परीक्षा में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि 2013 में पंजाब नेशनल बैंक में पीओ के पद पर चयनित होने के बावजूद उन्होंने अपनी सेवाएं नहीं दी। तीसरी बार 2016 की पीसीएस की परीक्षा में शामिल हुए। इस बार उनका जिला कोषाधिकारी के पद पर चयन हुआ है। उनकी इस सफलता पर माता पुष्पा मिश्रा, पिता मनोज मिश्र, नानी मालती पांडेय बड़े भाई अभिषेक पांडेय, अनुराग पांडेय, आदित्य पांडेय, शम्भू शरण वर्मा, राम रेखा राय, राकेश दूबे, एमडी सिंह व राजेश रौनियार आदि ने खुशी जताई।