महराजगंज। बीते साल चले स्वच्छता एवं दस्तक अभियान से दिमागी बुखार के मरीजों एवं उससे होने वाली मौतों का ग्राफ गिरा है। इस सफलता से उत्साहित शासन एवं स्वास्थ्य विभाग इन साल पुन: दस्तक अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। अगर जिले में पांच सालों में दिमागी बुखार से पीड़ित मरीजों व मौतों का आंकड़ा देखा जाए तो बीते वर्ष 2018 में मरीजों की संख्या व मौतों में भारी कमी आई है। यह सफलता स्वच्छता एवं चले दस्तक अभियान से मिला है।
पांच साल का आंकड़ा देते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2014 में जेई, एईएस के 399 केस आए।
जिसमें 85 मौत, वर्ष 2015 में 334 मरीजों में 56 की मौत, वर्ष 2016 में 390 मरीजों में से 70 की मौत, वर्ष 2017 में 437 मरीजों में से 68 की जान चली र्गई, जबकि अभियान की वजह से वर्ष 2018 में सिर्फ 250 मरीज भर्ती हुए। जिसमें से मात्र 26 मरीजों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि बीते साल जेई एईएस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन स्तर से दस्तक तथा स्वच्छता अभियान चलाया गया। लोगों को स्वच्छ पेयजल का सेवन करने, गंदगी से दूर रहने तथा शौचालय का प्रयोग करने की नसीहत दी गई। जिसका नतीजा रहा कि जेई व एईएस का ग्राफ गिरा। उसी सफलता को देखकर शासन ने इन साल फिर दस्तक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को प्रभावी ढंग से चला रहा है।