ओएमआर शीट घर ले जाने पर परीक्षार्थी के खिलाफ केस
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा
पहली पाली में 759 और दूसरी में 407 अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में बनाए गए 23 केंद्रों पर रविवार को सीसीटीवी कैमरों व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो पालियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा संपन्न हो गई। कड़ाई के चलते पहले पाली में 759 और दूसरी में 407 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दोनों पालियों में परीक्षा के लिए कुल 20306 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। उधर, परीक्षा में शामिल एक प्रतिभागी ओएमआर शीट ही लेकर चली गई। इसकी जानकारी मिलने पर केंद्र पर खलबली मच गई। आननफानन में उसके खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। साथ ही उसे मोबाइल पर फोन कर बुलवाया गया। जानकारी मिलने पर छात्रा ओएमआर शीट लेकर केंद्र पहुंची और उसे जमा कराया।
परीक्षा को शांतिपूर्ण व नकल विहीन संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों के कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय मुख्य द्वारा पर वीडियोग्राफी भी कराई गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी केंद्रों के आसपास सतर्क रहे। साथ ही अधिकारियों की टीम भी औचक निरीक्षण करती रही। उधर, टीडी मेमोरियल इंटर कॉलेज घुघली में परीक्षा दे रही छात्रा ओएमआर शीट जमा न करके अपने साथ घर लेकर चली गई। इसका पता तब चला जब क्रमवार ओएमआर शीट का मिलान होने लगा। गिनती में एक ओएमआर शीट कम मिलने पर केंद्र पर खलबली मच गई। आननफानन में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने तहरीर देकर संबंधित परीक्षार्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। साथ ही परीक्षार्थी को मोबाइल पर फोन कर बुलवाया भी गया। प्रधानाचार्य के मुताबिक एक छात्रा परीक्षा समाप्त के बाद ओएमआर शीट न जमा कर अपने साथ घर लेकर चली गई। जांच के दौरान कॉपी कम मिले। इसकी जानकारी होने पर छात्रा पुन:ओएमआर शीट लेकर आई। थानाध्यक्ष रामपाल यादव ने बताया कि परीक्षार्थी के मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीआईओएस अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सभी केंद्रों पर परीक्षा के लिए कुल 14230 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 13471 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 759 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं द्वितीय पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 6076 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इनमें कुल 5669 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 407 ने परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्थापक के अलावा दो पर्यवेक्षक, एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। चार जोनल मजिस्ट्रेट निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर भ्रमण करते रहे। सभी परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों में दो-दो कक्ष निरीक्षक तैनात रहे। उन्होंने बताया बीएसए, डॉयट प्राचार्य की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्रों पर भ्रमण करती रही। एएसपी आशुतोष शुक्ल ने बताया कि परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए जिले में सभी केंद्रों पर पुलिस भी तैनात की तैनात की गई थी। शिक्षक पात्रता परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के 4 सीओ, 15 थाना प्रभारी, 3 इंस्पेक्टर, 50 पुरुष व 2 महिला सब इंस्पेक्टर लगाई गई थीं। इनके अलावा 264 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल, 27 महिला कांस्टेबल, 6 यातायात पुलिस कर्मी भी तैनात थे। इनके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी कई केंद्रों पर लगाई गई थीं।