महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कालेज सभागार में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या का एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं मुख्य नियंता डा. महेश मणि त्रिपाठी रहे, जबकि अध्यक्षता प्राचार्य डा. प्रेमचन्द्र पटेल ने किया।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डा. महेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज को आइना दिखाता है। समाज में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए शिक्षक सलाहकार की भूमिका निभाता है। शिक्षक और विद्यार्थी के बीच निस्वार्थ संबंध होता है और वह उसे पूरी दृढ़ता के साथ निभाता है।
प्राचार्य डा. प्रेमचन्द्र पटेल ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण और पथ-प्रदर्शक होता है। उसका संबंध कभी आर्थिक नहीं होता। शिष्य को उच्च पदों पर पहुंचाने को लेकर शिक्षक हमेशा ही लालायित होता है।
राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. घनश्याम शर्मा, डा. सुनीता त्रिपाठी, बीएड विभागाध्यक्ष डा. उमेश प्रसाद यादव, डा. रीना सिंह, डा. राणा प्रताप तिवारी, डा. अजय कुमार मिश्रा, डा. विजय आनंद मिश्र, डा. देवेंद्र पाठक, प्रभाकर दूबे, डा. प्रवीण श्रीवास्तव, डा. केआर यादव, डा. विनोद कुशवाहा आदि ने भी अपने सम्बोधन में शिक्षक की महत्ता को रेखांकित किया। डा. शांतिशरण मिश्र ने भी संगोष्ठी का संचालन करते हुए शिक्षक दिवस की उपयोगिता पर विचार व्यक्त किया। कहा कि शिक्षक सदैव ही न्यायप्रिय रहा है और अपनी इसी न्यायप्रियता के कारण ही जाना एवं पहचाना जाता है।
छात्रा सावित्री ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। छात्रा रीति अग्रवाल, सरिता वर्मा, आमिना खातून आदि ने भी शिक्षक दिवस के महत्व को न सिर्फ रेखांकित किया, बल्कि समाज को आलोकित करने में शिक्षकों को आदर्श बताया।