खाद्य पदार्थों में मिलावट, 12 व्यापारियों पर चार लाख का जुर्माना
महराजगंज। सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से कार्रवाई तेजी की जा रही है। हर माह नमूने को एकत्र कर जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। अक्तूबर माह में जहां मुकदमें की सुनवाई के दौरान 12 व्यापारियों पर चार लाख 20 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं 38 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। दूध, नमक, नूडल्स की जांच की हुई तो अधोमानक पाया गया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दाखिल हुआ। जिसमें संबंधित व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2015, 2016, 2017 एवं वर्ष 2018 में 12 मुकदमें अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दाखिल हुए थे। जिनपर सुनवाई चल रही थी। 31 अक्तूबर को इन सभी मुकदमों में फैसला सुनाया गया है। ललाईन पैसिया के दुकानदार पृथ्वीनाथ पर 90 हजार जुर्माना लगा है। वहीं पिपरा टोला के रामबदन, कोल्हुई बाजार के कृष्ण कुमार, बरगदवां राजा के राजेश यादव, शिकारपुर के संजय, कुईया के सुरेश शर्मा, धरमवली के रामदत्त यादव उर्फ भदई यादव, पिपरा खल्ली के विश्वनाथ, रौतार के श्रीवण यादव, बरोहिया के बशिष्ट पांडेय, पडरी खुर्द के प्रभुनंदन प्रजापति एवं निचलौल वार्ड नंबर सात के बंधू प्रसाद गुप्ता प्रत्येक पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया है। इन सभी 12 व्यापारियों पर कुल चार लाख, 20 हजार जुर्माना लगा है।
अभिहित अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने पर मिलावट के स्तर से हिसाब से मुकदमा दाखिल होता है। अगर रिपोर्ट में अधोमानक मिलता है तो मुकदमा अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दाखिल होता है। वहीं सेहत के लिए ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले तत्व पाए जाने पर सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया जाता है। यहां जुर्माना एवं सजा दोनों का प्रविधान है। अक्तूबर माह में खाद्य पदार्थों के 38 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।