फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाधान दिवस में 234 में से18 मामलों का निस्तारण हुआ

Tue, 01 Jan 2019 10:06 PM IST
राकेश पांडेय ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
विज्ञापन
सदर तहसील में समस्या सुनते डीएम व एसपी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महराजगंज। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय की अध्यक्षता में वर्ष 2019 के पहले जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सदर तहसील सभागार में किया गया। इस तहसील दिवस में डीएम ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे नए साल में नई ऊर्जा के साथ काम करने का संकल्प लें, जिससे जिले की दशा व दिशा में बेहतर बदलाव दिखे। डीएम ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अधिकारियों में जोश भरा तथा हैपी न्यू ईयर के बीच 63 में से दो मामलों का निस्तारण किया।
विज्ञापन

तहसील दिवस पर डीएम अमरनाथ उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान, मुख्य विकास अधिकारी राम सिंहासन प्रेम ने संयुक्त रूप से उपस्थित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को नए साल की शुभकामना दी। डीएम ने तहसील दिवस पर आए फरियादियों की समस्याओं को सुना तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करने के दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने यह भी कहा है कि वर्ष 2019 का पहला तहसील दिवस है। इस लिए हमें आज संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हम अपनी खुशी को बांटते हुए दूसरे के दु:ख एवं परेशानी को भी सुनें तथा त्वरित निदान भी करें। संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 63 मामले आए जिसमें से दो मामलों का मौके पर निस्तारित कर दिया। उप जिलाधिकारी नौतनवां मदन कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील सभागार में आयोजित किया गया जिसमें कुल 70 मामले आए जिसमें मौके पर 14 मामलों का निस्तारण मौके पर ही किया गया। फरेंदा तहसील में 86 मामले आए, जिसमें 2 निस्तारित हुए। निचलौल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर 5 अधिकारी गैरहाजिर रहे। 15 मामलों में एक भी निस्तारण नहीं हुआ। एसडीएम देवेंद्र कुमार ने बताया कि बीडीओ सिसवां, सहायक अभियंता लघु सिंचाई निचलौल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, सहायक विकास अधिकारी कृषि मिठौरा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मिठौरा से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
विज्ञापन


सामुदायिक सुविधादाताओं ने डीएम को सौंपा पत्रक
महराजगंज। सामुदायिक सुविधादाता संघ का एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी से मिलकर पत्रक सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि दस साल का अनुभव रखने वाले सामुदायिक सुविधादाताओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में समायोजित किया जाए।
रामसोहन निषाद ने कहा कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2004 से कार्यरत सामुदायिक सुविधादाताओं को वर्ष 2013 में कार्य से विमुक्त कर दिया गया। जिससे प्रदेश के करीब दस हजार सुविधादाता बेरोजगारी के शिकार हो गए। सुविधादाताओं ने कहा कि दस साल कार्य करने के बाद सेवा से हटाना न्याय संगत नहीं है। संघ ने मांगों के समर्थन में कई बार प्रदर्शन किया। लेकिन अभी तक कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में संघ की मांग है कि सभी सामुदायिक सुविधादातों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में समायोजित किया जाए। डीएम को पत्रक देने वाले प्रतिनिधि मंडल में अशोक मौर्य, जितेंद्र वर्मा, जयचंद, विश्वनाथ, रीता भारती, राधेश्याम, अजित कुमार, ईश्वर प्रसाद और गिरजेश कुमार आदि के नाम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें