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जीएसटी को लेकर भ्रम की स्थिति में व्यापारी

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महराजगंज। पहली जुलाई से लागू हो रही जीएसटी को लेकर व्यापारी असमंजस में हैं। ज्यादातर व्यापारी जीएसटी को समझ नहीं पा रहे हैं। जबकि वाणिज्य कर विभाग सब कुछ ठीक-ठाक होने का दावा कर रहा है। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच जीएसटी को लागू करने से व्यापारी बगावत के मूड में हैं। जीएसटी के विरोध में व्यापारियों 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। जीएसटी की प्रक्रिया को व्यापारी समझ नहीं पा रहे हैं। उनकी नजर में पेपर वर्क के साथ ही टैक्स भी बढे़गा। इसका सीधा असर जनता पर पडे़गा। इस मसले पर व्यापारियों का नब्ज टटोला गया तो उनकी पीड़ा उभर कर सामने आई।
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कपड़ा व्यापारी विपिन गोयनका ने बताया कि जीएसटी पर अभी सरकार क्या अधिकारी भी पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। केंद्र सरकार जबरदस्ती व्यापारियों पर जीएसटी लागू करना चाहती है। सरकार की यह कौन सी व्यवस्था है। समझ में नहीं आ पा रहा है।
स्टेशनरी के थोक विक्रेता अनुभव पांडेय ने बताया कि जीएसटी को लागू करने में सरकार को थोड़ा समय समझने के लिए भी देना चाहिए था। इतना ही नहीं, व्यापारिक संगठनों की भी राय ली जानी चाहिए थी। कार्यशाला के माध्यम से बेहतर ढंग से व्यापारियों को नियम समझाने की जरूरत है।
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किराना ब्यापारी श्यामनराण गुप्ता ने बताया कि व्यापारी ईमानदारी से व्यवसाय करता है और सबसे ज्यादा टैक्स भी देता है। सरकार ने जीएसटी में कंप्यूटर कार्य ज्यादा कर दिया है जबकि पूरे देश में 60 प्रतिशत व्यापारी ऐसे हैं जो कम पढ़े लिखे हैं। छोटे व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने के लिए कोई ठोस व्यवस्था भी नहीं की है।
बबलू कश्यप का कहना है कि वस्तु एंव सेवा कर जीएसटी को लेकर जानकारी ही बेहतर ढंग से नहीं मिली है। जीएसटी लागू होने से टैक्स ज्यादा होगा तो लोगों पर आर्थिक बोझ बढे़गा। तमाम तरह से कागजी कार्रवाई करनी पडे़गी। अधिकारी समय समय पर परेशान करते रहेंगे।
दवा विक्रेता चंदन जायसवाल ने बताया कि जीएसटी क्या है। समझ में नही आ रहा है। अधिवक्ता से राय लेकर इससे जुड़ी औपचारिकता को पूरी की जाएगी। इसके बारे में जानकारी देने के लिए सरकार को बेहतर इंतजाम करना चाहिए था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे परेशानी बढ़ गई है।

30 जून को भारत बंद के आह्वान को सफल बनाना है। सभी व्यापारी दुकान बंद रखेंगे और जीएसटी का विरोध करेंगे। जीएसटी लागू होने से व्यापारियों का उत्पीड़न बढे़गा और पेपर वर्क भी ज्यादा हो जाएगा। व्यापारियों को नियम कानून में उलझाने की कोशिश की जा रही है।
पशुपतिनाथ गुप्ता, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

सभी व्यापारी संगठनों को सूचना दी गई मगर किसी ने रुचि नहीं ली। इससे थोड़ी-बहुत समस्या हुई है। जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यशाला का आयोजन कर व्यापारियों को जानकारी दी जा चुकी है। जीएसटी को लेकर व्यापारी किसी के बहकावे में न आएं। इससे कोई परेशानी नहीं है। यह व्यवसाय के हित में है।
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हरिश्चंद्र मौर्य, असिस्टेंट कमिश्नर व्यापार कर
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