इंट्रीग्रेटेड चेक पोस्ट की जमीन अधिग्रहण के लिए अफसरों ने लिया जायजा।
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सोनौली। भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने के लिए सोनौली में बनने वाले इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट भूमि अधिग्रहण के लिए कार्रवाई तेज हो गई है। इसे लेकर आज जिले के आलाधिकारी सोनौली पहुंचे। 25 असंतुष्ट किसानों से मिलकर चेक पोस्ट के लिए सहमति जताई। मंगलवार की दोपहर को इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की भूमि के लिए किसानों से सहमति प्राप्त करने के लिए एडीएम इंद्रभूषण वर्मा, एसडीएम नौतनवां मदन कुमार, अधिशासी अधिकारी सोनौली वीरेंद्र कुमार राव, तहसीलदार नौतनवां नरेश चन्द्र तथा हलका लेखपाल सहित कई अधिकारी सोनौली नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और किसानों से बातचीत किया। किसानों का नेतृत्व कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष पति सुधीर त्रिपाठी कहा कि इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के लिए भूमि देने के लिए तैयार हैं, लेकिन भूमि का सही मूल्य देना होना।
बातचीत में एडीएम ने किसानों से कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में पड़ने वाले किसानों को भूमि का मुआवजा शहरी क्षेत्र के सर्किल रेट से दोगुने से अधिक दिए जाएंगे। जब कि ग्रामीण क्षेत्र को ग्रामीण सर्किल रेट से 4 गुना अधिक दिया जाएगा। इसके बाद एडीएम ने भूमि का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि तीन ग्राम सभा के कुल 144 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है जिसमें पूर्व में किए गए सर्वे में 27 किसान असंतुष्ट थे और कुछ ने सरकार से रुपये भी ले लिए हैं। असंतुष्ट किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। यह चेक पोस्ट एसएसबी की निगरानी में बनेगा और उन्हीं के देखरेख में सभी कार्य होंगे। रोडवेज बस डिपो से 200 मीटर पश्चिम से लेकर करीब 46.774 हेक्टेयर में इसका निर्माण होगा। इस मौके पर क्षेत्र के बड़े किसान कनक बिहारी सिंह, पप्पू सिंह, राम आसरे प्रजापति नंद गोपाल गुप्ता, जुनैद अहमद, बबलू सिंह अध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, सभासद प्रदीप नायक, अमीर आलम, बेचन प्रसाद ,आशुतोष त्रिपाठी प्रताप मद्धेशिया, पविंकू सिंह सहित कई किसान मौजूद थे।