बाढ़ आई तो हर तहसील में बनेगा मॉडल राहत कैंप
बच्चों को पढ़ने-लिखने से लेकर खेलने तक की होगी सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंत। इस साल बाढ़ आई तो हर तहसील में एक मॉडल राहत कैंप बनेगा। इसमें बाढ़ पीड़ितों को दिन में दो बार पौष्टिक आहार मिलेगा। पीड़ितों के बच्चों को पढ़ने-लिखने तथा खेलने की सुविधा भी होगी।
सचिव एवं राहत आयुक्त संजय कुमार ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की तैयारी अभी से कर ली जाए। बाढ़ पीड़ितों को अस्थाई रूप से राहत कैंपों में रखा जाएगा। प्रत्येक तहसील में एक मॉडल राहत कैंप स्थापित किया जाएगा। मॉडल राहत कैंपों को स्थापित करने के लिए किसी बड़े व आवागमन के लिए सुगम स्थल का चिह्नाकन किया जाएगा। मॉडल कैंप में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइड लाइन के अनुसार प्रति व्यक्ति के लिए लगभग 3.50 वर्ग मीटर स्थान की व्यवस्था होगी। कैंप में बच्चों व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पौष्टिक आहार के साथ ही साथ दूध, फल भी उपलब्ध कराया जाएगा। कैंप में खाना खिलाने के लिए वाटर प्रूफ शामियाना की व्यवस्था होगी। एडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि बाढ़ आने पर जिले के चार तहसीलों में मॉडल राहत कैंप स्थापित करने के लिए स्थान का चयन किया जा रहा है।