मिल नहीं, सहकारी समितियां जारी करेंगी गन्ने की पर्चियां
किसानों को सर्वे, पर्ची के बारे में एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। गन्ना माफिया पर अंकुश के लिए शासन ने गन्ने की पर्चियां जारी करने का अधिकार चीनी मिल प्रबंधन से छीन लिया है। अब गन्ने की पर्चियां सहकारी समितियां जारी करेंगी। इस बाबत गन्ना चीनी मिल आयुक्त ने आदेश जारी किया है। इतना ही नहीं, किसानों को सर्वे, सट्टे की पर्ची की प्रिंटिंग के बारे में एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी।
मिल की ओर से जारी होने वाली पर्ची को लेकर हमेशा शिकायतें जिला से लेकर शासन तक पहुंचती थीं। किसान इसमें घोटाले की आशंका भी जाहिर कर चुके हैं। गन्ना विभाग व चीनी मिल के कर्मचारी गांव-गांव जाकर सट्टा सूचियों का प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। किसानों की शिकायतों, आपत्तियों का मौके पर ही जांच कर निकारण किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में 22 हजार हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती की गई है। कार्यदायी संस्था जिले में पर्ची निर्गत करने के लिए केंद्र की स्थापना करेगी। इस पर विभाग का पूरा नियंत्रण होगा। गन्ना समितियों के सचिव व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा उप गन्ना आयुक्त एवं नामित नोडल अधिकारी भी समय-समय पर जांच करेंगे। कोई भी कमी मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान समितियों के संपर्क में रहें और जरूरी दस्तावेज जमा करें। उन्होंने कहा कि पहले चीनी मिल की ओर से गन्ने की पर्ची मिलती थी, लेकिन इस बार सहकारी समितियों को पर्ची बांटने का निर्देश दिया गया है।