महराजगंज। मुख्य विकास अधिकारी रामसिंहासन प्रेम ने जल निगम के एक्सईएन, बीडीओ निचलौल सहित पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। आरोप है कि राजस्व परिषद सदस्य एवं जिले के नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान विभिन्न मामलों खामियां मिली थीं।
सीडीओ रामसिंहासन प्रेम ने जल निगम के एक्सईएन का नोटिस देकर कहा कि तीन फरवरी को शासन से नामित नोडल अधिकारी ने परतावल में बनवाए जा रहे ओवरहेड टैंक की भी निरीक्षण किया था, जिसमें भवन निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग सामने आया, टैंक तथा चैंबर निर्माण में भी गड़बड़ी है।
बीडीओ निचलौल को प्रेषित नोटिस में सीडीओ ने कहा कि बीते 3 फरवरी को निचलौल ब्लॉक के ग्राम निपनियां के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई गई कि प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त जारी करने के नाम पर धनउगाही की जा रही है। इसी प्रकार जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्राबेशन अधिकारी तथा दिव्यांगजन विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर कहा है कि ग्राम पंचायत निपनियां में पेंशन के विभिन्न मामले में कई खामियां व शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा उप कृषि निदेशक को नोटिस जारी कर पांच ग्राम पंचायतों के उन किसानों की सूची तलब की है जिन्हें मृदा परीक्षण कार्ड दिया गया है, क्योंकि ग्राम पंचायत निपनिया में निरीक्षण के दौरान जब मृदा परीक्षण कार्ड की सूची मांगी गई तो नोडल अधिकारी को प्रेषित सूची में अनियमितता मिली है।
लापरवाह सात ग्राम सचिवों को नोटिस
मुख्य विकास अधिकारी रामसिंहासन प्रेम ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण को लेकर लक्ष्मीपुर ब्लॉक के लापरवाह सात ग्राम सचिवों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन के अंदर भवन निमार्ण पूरा न करा पाने और संतोषजनक जवाब नहीं देने पर द्विवार्षिक वेतन वृद्धि वापस लेने की चेतावनी दी है।
मुख्य विकास अधिकारी रामसिंहासन प्रेम ने बताया कि ग्राम सचिवों पर आरोप है कि उनके द्वारा न तो प्रधानमंत्री आवास की द्वितीय एवं तृतीय किस्त की मांग की जा रही है और न ही आवास निर्माण में तेजी लाई जा रही है। ऐसे ग्राम सचिवों में शिवसागर पांडेय, कृष्ण मोहन वर्मा, सुरेश कुमार, रामनाथ, राममदन, दिनेश राय और आशीष सिंह के नाम हैं।