ललितपुर। पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बृहस्पतिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थापक अध्यक्ष डॉ. पारसनाथ यादव ने कहा कि यह दिवस व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उददेश्य से मनाया जाता है। मानवाधिकार में स्वास्थ्य, आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा का अधिकार शामिल है। मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म व लिंग आदि के आधार पर वंचित या प्रताड़ित नहीं किया जाना ही मानवाधिकार का मुख्य उद्देश्य है।
प्रबंध निदेशक डॉ. सौरभ यादव ने कहा कि दुनिया में हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। इस साल मानवाधिकार दिवस की थीम ’फिर से बेहतर मानवाधिकारों के लिए खड़े हो जाओ है’। प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा ने कहा कि मानवाधिकार का मतलब मनुष्यों को वो सभी अधिकार देना है, जो व्यक्ति के जीवन में स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं। यह सभी अधिकार भारतीय संविधान के भाग तीन में मूलभूत अधिकारों के नाम से मौजूद हैं और इन अधिकारों का उल्लंघन करने वालों को अदालत द्वारा सजा भी दी जाती है। डॉ. मुकेश कुमार यादव ने कहा कि मानवाधिकार आयोग का कार्य राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के साथ-साथ मजदूरी, एचआईबी, एड्स, हेल्थ, बाल विवाह, महिला अधिकार के प्रति ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना है। लेफ्टीनेंट डॉ. वंदना याज्ञिक और एनसीसी के कैडेट ने रंगोली बनाकर छात्रों को मानवाधिकार के प्रति जागरूक किया। इस संगोष्ठी में महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सूफिया, डॉ. अल्का यादव, डॉ. विनोद रजक, डॉ. उत्कर्ष जैन, डॉ. नारायण दास, डॉ. प्रसन्न कुमार, डॉ. रमाकांत सिंह, प्रो. रामलाल रायकवार, प्रो. आकाश बाल्मीकि, प्रो. राम लखन यादव समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
विश्व के अधिकांश देशों में अधिकारों की सुरक्षा कर रहा है मानवाधिकार आयोग
ललितपुर। बुढ़वार रोड स्थित रानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को मानवाधिकार दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्रबंधक राजेश यादव ने छात्रों को बताया कि 10 दिसंबर 1948 को पहली बार मानवाधिकार दिवस मनाया गया। जो भारत सहित विश्व के अधिकांश देशों में मानवाधिकार आयोग मानवों के अधिकारों की सुरक्षा कर रहा है। उन्होंने छात्र/ छात्राओं को अपने अंदर मानवीय गुणों को विकसित करने का संदेश दिया। उन्हें अपने आसपास के लोगों में विकसित करने का भी परामर्श दिया। संरक्षिका बबीता यादव ने छात्र /छात्राओं को संविधान में उल्लेखित मानव अधिकारों से अवगत कराया और बताया कि मानव अधिकारों से अभिप्राय मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता से है, जिसके सभी मानव प्राणी हकदार है। प्राचार्या डॉ. नीराजना तिवारी ने छात्र/ छात्राओं को मानवाधिकार की शपथ दिलाई। संगोष्ठी में नरेंद्र रावत, पिंकेश कुमार सिंह, राहुल जैन, आशीष कुमार और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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ललितपुर। विश्व मानवाधिकार दिवस पर सामाजिक संस्था सोसायटी फार लीगल एंड एजूकेशन के बैनर तले जागरूकता और संवाद शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक कर्तव्यों का पालन आवश्यक है।
उपाध्यक्ष मुकेश कुमार साहू एडवोकेट ने विभिन्न कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। हिंदी प्रोफेसर अखिलेश बबेले ने अधिकारों के संरक्षण पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए सैडो पॉवर ग्रुप की निदेशक प्रीति शुक्ला ने बताया कि इस साल मानवाधिकार दिवस की थीम है - %फिर से बेहतर- मानव अधिकारों के लिए खड़े हो जाओ%। यह थीम कोविड-19 महामारी से पैदा हुई है। सचिव अनुराग चतुर्वेदी ने बताया कि महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिक्योरिटी एंड डेवलपमेंट ऑफ वूमेन पॉवर द्वारा सैडो पॉवर प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सैडो पॉवर प्रशिक्षिकाओं ने महिला सशक्तिकरण, अनिवार्य शिक्षा का अधिकार, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और समाज में बढ़ते दुष्कर्म जैसे अपराधों पर जागरूकता का संदेश दिया। सैडो पॉवर ग्रुप की निदेशक प्रीति शुक्ला ने बताया कि आज के समय में महिलाओं को शिक्षित और सुरक्षित करना जरूरी है। सैडो ग्रुप निशुल्क कोचिंग, सेल्फ डिफेस, योगा, कैरियर काउंसलिंग आदि कोर्स का नि:शुल्क प्रशिक्षण अनवरत रूप से दे रहा है। प्रशिक्षिका मोहिनी ने बालिकाओं की सुरक्षा पर टिप्स देते हुए साइबर सिक्योरिटी की जरूरत को आवश्यक बताया। प्रशिक्षिका पूर्णिमा श्रद्धा व रूपाली ने भी सुरक्षा के कई टिप्स दिए।
पहलवान गुरुद्दीन महाविद्यालय सभागार में में विश्व मानवाधिकार गोष्ठी के दौरान मंच पर बैठे वक्ता?- फोटो : LALITPUR
विश्व मानवाधिकार दिवस पर पहलवान गुरुद्दीन ग्रुप आफ कालेज में छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोली।- फोटो : LALITPUR