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अस्थाई कर्मियों की हड़ताल के फेर में फंसे पाइप लाइन के लीकेज

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ोविंद सागर बांध की तलहटी में पाईप लाइन लीकेज होने बर्बाद हो रहा सैकड़ों लीटर पानी - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जल संस्थान के अस्थाई कर्मियों की हड़ताल का विपरीत असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर पाइप लाइनों के लीकेज ठीक नहीं हो पा रहे हैं, जिससे सैकड़ों लीटर कीमती पानी नालियों में बह जा रहा है। वहीं, कई लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।
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शहर में लगभग 13 हजार जल संयोजन हैं, जिन्हें पाइप लाइनों के माध्यम से शुद्ध पेयजल घरों तक पहुंचाया जाता है। इन दिनों जल संस्थान आपूर्ति को सुचारु नहीं करने में नाकाम हो रहा है। इसकी वजह कई स्थानों पर पाइप लाइनों में लीकेज हो गए हैं। इससे यह हुआ कि जो पानी लोगों के घरों में पहुंचना चाहिए, वह इधर-उधर फैलते नालियों के गंदे पानी में मिल रहा है। वहीं, कई लोग शुद्ध पेयजल के अभाव में प्यासे ही रह जा रहे हैं। वर्तमान में जल संस्थान के अस्थाई कर्मियों की हड़ताल ने इस परेशानी को बढ़ा दिया है। गोविंद सागर बांध की तलहटी में कई दिनों से पाइप लाइन में बड़ा लीकेज बना है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा सिविल लाइन, एसपी आफिस के पास, जेल रोड, आजाद बाल क्रीड़ा, गिरजाघर, बीएसए आफिस के पास लीकेज हैं। उधर, विभागीय अफसरों को अस्थाई श्रमिकों की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार है।
सात माह से नहीं मिला पारिश्रमिक
जल संस्थान के अस्थाई श्रमिकों को सात माह से पारिश्रमिक नहीं मिला है। इन श्रमिकों द्वारा पाइप लाइन/हैंडपंप अनुरक्षण किया जाता है लेकिन उन्हें लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ है। शिशुपाल, सज्जन, आसिफ, दलपत, हरीराम, नारायण, बबलू ने अविलंब बकाया भुगतान कराने की मांग की है।
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जल संस्थान के अधिकारियों को श्रमिकों को शोषण बंद करना चाहिए। जब उनसे काम लिया जा रहा है तो पारिश्रमिक देने में शिथिलता क्यों? यदि उन्हें समय से मेहनताना नहीं मिलेगा तो स्वाभाविक है कि वह हड़ताल जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। - बाबूलाल तिवारी, पूर्व सभासद
पानी के बगैर कोई रह नहीं सकता है, जल संस्थान के अधिकारियों को यह बात भूलनी चाहिए। पिछले कई महीनों से शहर के विभिन्न स्थानों में पेयजल की समस्या देखी जा रही है। विभाग पाइप लाइनों के लीकेज सुधारने में अब तक नाकाम रहा है। - इदरीश राईन, पूर्व सभासद
गोविंद नगर मोहल्ला के ऊंचाई वाले क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है, जिसे देखने के लिए अधिकारी कभी मौके पर नहीं आते है। जिस वजह से यहां की समस्या निस्तारित होने की जगह बिगड़ती जा रही है। सर्दी के मौसम में भी लोगों को सुबह से हैंडपंप तलाशने पड़ते हैं। - संतोष जैन मोदी
श्रमिकों के हड़ताल पर चले जाने से लीकेज सुधारने में देरी हो रही है। विभाग के आला अधिकारियों में पूरा मामला संज्ञान में है, उन्हें पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है।
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राहुल सिंह, अवर अभियंता, जल संस्थान
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