फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब गांव में ही काम मिलने से खुश हैं मजदूर

विज्ञापन
कैप्सन - ग्राम भुचेरा में तालाब खुदाई करते मजदूर - फोटो : TALDEHATE
विज्ञापन
तालबेहट/भुचेरा। सरकार के निर्देश पर गांव- गांव में मनरेगा के काम शुरू हो गए हैं। मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है। इससे मजदूर खुश हैं। विकासखंड के ग्राम भुचेरा, बुदावनी, सेरवासकलां गांवों में तालाब खुदाई में मजदूर काम कर रहे हैं। पर, कई गांवों में मजदूर लगाने के नाम पर जिम्मेदारों द्वारा मनमानी भी की जा रही है।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण में बेरोजगार हो चुके गांव में रहने वाले मजदूरों को सरकार ने मनरेगा में काम देना शुरू कर दिया है, पर, प्रवासी मजदूर काम से अभी भी वंचित हैं। ऐसे लोगों पर प्रशासन को अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मनरेगा के तहत काम पर लगे मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ- साथ मौके पर मॉस्क लगाना, सैनिटाइजर का उपयोग तथा हाथ धोने के लिए साबुन आदि के पुख्ता इंतजाम हैं। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सौंपी गई है।
ब्लाक के कई गांवों में मनरेगा के तहत काम प्रारंभ हो गए हैं। कई गांवों में रोजगारसेवक व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने चहेतों को काम पर लगा दिया है। इससे अन्य मजदूरों में कुछ नाराजगी भी है। ग्राम भुचेेरा में तालाब खुदाई में इस समय दो दर्जन मजदूर काम कर रहे हैं। परंतु, बाहर से आए मजदूरों को अभी काम पर नहीं रखा गया है। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि अभी तक किसी प्रवासी मजदूर ने उनसे काम नहीं मांगा है, जो भी मजदूर काम मांगेगा, उसे काम दिया जाएगा।
विज्ञापन

काफी समय बाद गांव के मजदूरों को मनरेगा में काम मिला है। यह काम मजदूरों की आर्थिक हालत में काफी सुधार लाएगा।
- हल्के नायक
गांवों में मजदूरों को रोजगार की अभी काफी दिनों तक आवश्यकता रहेगी। इसलिए मनरेगा के तहत लोगों को िकम से कम चार माह काम मिलना चाहिए।
- चऊचा सहरिया
मजदूर काम के लिए गांव से बाहर नहीं जा सकते और बाहर से मजदूर गांवों में आ रहे हैं। सभी को काम की आवश्यकता है। ऐसी हालत में सभी का ध्यान रखना चाहिए।
- बृगभान यादव
मजदूरों को काम के साथ- साथ मजदूरी का समय पर भुगतान किया जाए। बैंक में पैसा निकलने के लिए उन्हें कई दिन लाइन में न लगना पड़े।
- रामलाल सहरिया
-----------------------------------
बाहर से आने वाले 1026 कामगारों की सूची एक हजार रुपये प्रति मजदूर के हिसाब से राशि देने के लिए बैंक भेजी जा चुकी है। बाहर से आने वाले लोगों के बैंक खाते और आईएफएससी कोड उपलब्ध कराने के निर्देश ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को दे दिए गए हैं। मनरेगा में सभी को काम मिलेगा। अधिक से अधिक लोगों को काम दिया जाएगा। वर्तमान में मनरेगा में 5600 मजदूर काम कर रहे हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए शिविर लगाकर उनके जॉबकार्ड बनवाकर उन्हें काम उपलब्ध कराने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य सात हजार मजदूरों को प्रतिदिन काम पर लगाने का है, जो भी काम मांगेेगा, उसे काम दिया जाएगा।
विज्ञापन

- दीपेंद्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी तालबेहट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें