सिलावन/ललितपुर। चालीस वर्षों से भी अधिक समय बीतने के बाद भी महरौनी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पाई है, जबकि क्षेत्रीय विधायक को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है। आज भी लकड़ी की जीर्णशीर्ण पटियों के सहारे तार टिके हुए हैं। इतना ही नहीं, कई जगहों पर 100 मीटर के अंतराल में कई जोड़ बंधे हैं, जो हल्की सी हवा में टूट जाते हैं। इससे अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता है।
सिलावन फीडर से जुड़ी लाइन काफी जर्जर हो चुकी है। इनके नवीनीकरण को लेकर लोगों ने विभागीय अधिकारी से लेकर राज्यमंत्री तक से मांग की लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानों ने सिलावन फीडर से जुड़ी लाइनों के नवीनीकरण की भी मांग की हैं। महरौनी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर 132 केवी विद्युत सब स्टेशन की स्थापना की गई है, जहां से 24 घंटे विद्युत की आपूर्ति बनी रहती हैं लेकिन जर्जर हो चुकी एचटी और एलटी लाइनों के कारण महरौनी वासियों को विद्युत समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
महरौनी में विद्युत आपूर्ति के लिए चालीस वर्ष पूर्व जो लाइन डाली गई थी, उसमें लोहे के क्रास की जगह लकड़ी की पटिया लगाई गई थी, जो आज भी तारों को सहारा दिए हुए हैं। लकड़ी की कई पटिया पूरी तरह से सड़ चुकी हैं और आए दिन टूटकर गिर जाती हैं, यही फाल्ट होने का मुख्य कारण भी है। इसके अलावा एक खंभे से दूसरे खंभे के बीच के तारों में 10 से लेकर 15 जोड़ लगे हुए हैं, जो हल्की सी हवा में टूट कर नीचे गिर जाते हैं। सिलावन फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। विभाग के आला अफसरों को भी इसकी जानकारी है लेकिन उनका उदासीन रवैया विद्युत उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। जब तक जर्जर हो चुकी लाइनें को नहीं बदला जाता। उपभोक्ताओं को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री से काफी उम्मीदें हैं। उधर, नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने सिलावन फिडर से जुड़ी विद्युत लाइन के नवीनीकरण की मांग की है।
चालीस वर्ष पूर्व डाली गई विद्युत लाइन जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जो आए दिन फाल्ट का कारण बन रही है। इससे लोगों को बेवजह विद्युत कटौती का सामना करना पड़ता है। - नितिन, ग्राम प्रधान सिलावन
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सिलावन फीडर से जुड़ी विद्युत लाइन के नवीनीकरण को लेकर विभागीय अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक से ग्रामीणों द्वारा मांग की जा चुकी है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - रामस्वरूप परिहार ग्राम प्रधान छपरट
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चालीस वर्ष पूर्व लकड़ी के पटियों के सहारे टिकी विद्युत लाईन अब जवाब देने लगी है। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। अब लाइन का नवीनीकरण आवश्यक हो गया हैं। -प्राण सिंह ग्राम प्रधान समोगर
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फाल्ट के चलते विद्युत की आंख मिचौनी आम बात हो गई है। विभाग के आला अफसरों को भी इसकी जानकारी है लेकिन उनका उदासीन रवैया विद्युत उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा हैं। इस ओर न तो अधिकारी ठोस प्रयास कर रहे हैं न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि। - हाकिम सिंह गा्रम प्रधान किसरदा