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हथठेले पर पानी ढोने को मजबूर महिलाएं और बच्चे

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ललितपुर। गोविंद सागर बांध का साइफन फेल होने से शहर के करीब 50 हजार लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। जहां शहर का आधा क्षेत्र पेयजल की समस्या से जूझ रहा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल की आपूर्ति बाधित रही। इससे महिलाएं और बच्चे हथठेले पर पानी ढोने को मजबूर हैं, वहीं, पुरुष भी साइकिल और बाइक पर दूर से पानी ढो रहे हैं।
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पिछले दिनों गोविंद सागर बांध का जलस्तर कम हुआ है, इससे जलापूर्ति के लिए कच्चा पानी उठाने वाले साइफनों ने काम करना बंद कर दिया है। इसमें शहर के लोअर व हायर जोन के साथ ग्रामीण क्षेत्र का साइफन प्रभावित हुआ। जल संस्थान कर्मी बांध में पाइप आगे बढ़ाकर आपूर्ति को सामान्य करने में लगे हुए हैं। शनिवार को लोअर व हायर जोन में पेयजल की समस्या रही। सुबह से ही वार्ड रैदासपुरा, चौबयाना, महावीरपुरा, नेहरू नगर, गांधीनगर सहित कई मोहल्लों में पेयजल की समस्या देखी गई। हैंडपंपों पर लोगों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने साइकिल, बाइक पर प्लास्टिक के कुप्पा बांधकर पानी भरा। कुछ महिलाओं ने हाथ ठेला पर प्लास्टिक के कुप्पा रखकर पानी भरा। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए लोग परेशान रहे।
मोहल्ला पठापुरा, श्रद्धानंदपुरा में पेयजल का भीषण संकट है। यहां के लोग दो महीने से बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं। कोई खिरकापुरा, चौबयाना से पानी भर रहा है तो कोई पुरानी बजरिया से पानी जुटा रहा है। जयकुमार
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सुबह से पानी के लिए पूरा घर लग जाता है, तब जाकर दिन भर के लिए पानी की पूर्ति हो पाती है। यह रोजाना की कहानी हो गई है। जब पानी भर पाता है, उसके पश्चात घर के अन्य कार्य शुरू हो पाते हैं। शशि देवी
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जल संस्थान शहर की जलापूर्ति को सुचारू बनाने में अब तक नाकाम रहा है। जिस वजह से समूचे शहर में पेयजल का भीषण संकट खड़ा हो गया है। कुणाल रजक
शुक्रवार को लोअर जोन का साइफन सही हो गया था। शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र का साइफन भी सही हो गया है। रविवार को हायर जोन के साइफन को ठीक किया जाएगा।
संजय निरंजन, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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