ललितपुर। चकबंदी लेखपाल व कानूनगो के रिश्वत मांगने सहित विपक्षियों के परेशान किए जाने से आहत होकर महिला के आत्महत्या करने के 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जबकि, मंगलवार को मृतका की छोटी पुत्री ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया था।
कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मऊमाफी की 55 वर्षीय फूलवती ने सोमवार रात को विषाक्त पदार्थ निगल लिया था। उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को मृतका की छाेटी पुत्री प्रियंका ने चकबंदी लेखपाल व कानूनगो पर खेत से रास्ता देने के एवज में रुपया मांगने सहित विपक्षियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। एक शिकायती पत्र कोतवाली पुलिस को भी दिया था। लेकिन, घटना और शिकायती पत्र देने के चौबीस घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मृतका के परिजनों को तहरीर के लिए बुलाया गया है।
वहीं, जमीन की पैमाइश करने के एवज में फूलवती से 1.20 लाख रुपये लेने और अब रास्ता देने के नाम पर 50 हजार की मांग करने के आरोप लगने के बाद चकबंदी लेखपाल मयंक स्वामी को निलंबित कर दिया गया था। बुधवार को जांच अधिकारी ने प्रारंभिक जांच पड़ताल शुरू की।