मड़ावरा (ललितपुर)। ठंड का यह मौसम फसलों के लिए फायदेमंद है। किसानों का कहना है कि ठंड से पहले खेतों की सिंचाई नहीं हो पाने से मटर, मसूर, चना आदि की फसलों में माहू, इल्ली कीट और उकसा रोग लग रहा था। सिंचाई को वे लोग चिंतित थे। ऐसे में ठंड पड़ने से माहू और इल्ली कीट का फसलों पर प्रभाव कम होने लगा है।
किसानों का कहना है कि ऐसे समय में खेतों की सिंचाई हो जाती तो कीटों का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो जाता, चना में लगने वाला उकसा रोग भी समाप्त हो जाता। किसानों का यह भी कहना है कि यहां का अधिकांश कृषि क्षेत्र नहर कमांड एरिया से बाहर है और किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर आश्रित हैं लेकिन बिजली आपूर्ति दुरुस्त नहीं होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में यह ठंडक उनकी फसलों के लिए बहुत अच्छी है।
किसान लाखन सिंह और विंद्रावन ने कहा कि मटर में लग रहा इल्ली कीट का प्रकोप ठंड बढ़ने से और पौधों पर लगातार ओस रहने से समाप्त हो जाएगा। अगर कोहरा और बढ़ेगा तो मटर के फूल को नुकसान पहुंचा सकता है। सजन सिंह और कपूरे ने बताया कि ठंड और कोहरे से सर्वाधिक फायदा गेहूं की फसल को हो रहा है। ऐसे में फसल में उर्वरक डाल देने से पौधों का विकास तेजी से होगा।