आचार संहिता लगने के बाद से निर्वाचन के लिए वाहन उपलब्ध कराने को तैयारी कर ली गई है। जिला निर्वाचन की मांग के अनुरूप एआरटीओ विभाग द्वारा निर्वाचन कार्य के लिए 197 भारी व हल्के वाहन उपलब्ध कराए जाऐंगे। वहीं, निर्वाचन आयोग द्वारा अर्धसैनिक बल की एक कंपनी के लिए पांच भारी व हल्के वाहनों की मांग की गई है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बस, ट्रक और चार पहिया वाहनों की मांग जिला प्रशासन द्वारा किए जाने के चलते एआरटीओ विभाग द्वारा वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोटिस तैयार किए जा रहे हैं। जनपद में निर्वाचन के लिए जिला निर्वाचन आयोग की मांग पर एआरटीओ विभाग द्वारा 197 वाहनों में बस, ट्रक, चार पहिया वाहन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए विभाग ने वाहनों की सूची तैयार कर नोटिस भेजना भी शुरु कर दिया है। वहीं जिला निर्वाचन आयोग द्वारा एक अर्धसैनिक बल कंपनी के लिए दो बसें, एक ट्रक, एक मध्यम वाहन, व एक हल्का वाहन की मांग की गई है।
वहीं निर्वाचन के समय 20 से 25 फरवरी तक एआरटीओ कार्यालय द्वारा बसों से अस्थाई परमिट जारी नहीं किए जाऐंगे। हालांकि फरवरी में इसी समय सहालगें होने के चलते सबसे अधिक समस्या शादी वाले परिवारों को होगी। जबकि बारात के लिए बसों का प्रबंध नहीं हो सकेगा, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ेगी। लेकिन सवाल यहां विधानसभा चुनाव का है, जिसके चलते कई बारातों को दिक्कतों का सामना करना होगा। हालांकि अन्य जनपदों से आने वाले वाहनों को समस्या नहीं होगी। लेकिन जनपद से अन्य जनपदों में जाने के लिए बारातों को वाहनों की भारी किल्लत हो सकती है। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार ने बताया कि जिला निर्वाचन आयोग की मांग के अनुसार वाहनों की उपलब्धता कराई जा रही है।