ललितपुर। थाना बार अंतर्गत ग्राम गड़िया में पत्नी की मौत के सदमे में दूसरे दिन नौकरी से घर लौटे पति की भी रात्रि में सोते समय मौत हो गई। परिजन उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम गड़िया निवासी चऊदा (59) पुत्र हरजू अहिरवार शिवपुरी में रेलवे का गैंगमैन था। बृहस्पतिवार को शाम लगभग चार बजे चऊदा की पत्नी सगुनबाई (55) की कैंसर की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसकी सूचना परिजनों ने नौकरी पर गए चऊदा को दी, लेकिन उस रात को ट्रेन कैंसल होने के कारण वह ललितपुर वापस नहीं लौट सका और रात्रि में बस भी नहीं मिल सकी। परिजनों ने सगुनबाई का अंतिम संस्कार पति की गैरमौजूदगी में कर दिया था। अगले दिन शुक्रवार की दोपहर के बाद वह अपने गांव गड़िया पहुुंचा। वह अंतिम समय में पत्नी का चेहरा भी नहीं देख सका, जिसका उसे काफी मलाल रहा और वह पत्नी के बिना आठ दिन भी जिंदा नहीं रहने की बातें करने लगा। रात्रि में वह अपने कमरे में सोने चला गया, जबकि अन्य परिजन दूसरे कमरे में सोने को चले गए।
शनिवार को सुबह करीब सात बजे तक जब वह सोकर नहीं उठा तो परिजन उसे चाय के लिए उठाने को गए, लेकिन वह नहीं उठा और कोई हरकत होती नहीं देख परिजन व मोहल्लेवासी एकत्रित हो गए। परिजन उसे बेसुध अवस्था में जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चार पुत्रियां व एक पुत्र है। मृतक के पुत्र राजू अहिरवार ने बताया कि उसकी मां की मौत बृहस्पतिवार को कैंसर के चलते हो गई। शनिवार को उसके पिता की मौत मां के सदमे में हो गई। वह जब शिवपुरी से लौटकर आए तो मां की मौत के सदमे में रोते रहे और आठ दिन भी जिंदा नहीं रहने की बात कर रहे थे।