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‘इतना सन्नाटा क्यूं है भाई’

Fri, 12 Aug 2016 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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hdtal, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन सरकारी कार्यालयों में व्यापक असर दिखा। अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारी नहीं बैठे। इस दौरान अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचे ग्रामीणों को कर्मचारियों से पूछना पड़ा कि ‘इतना सन्नाटा क्यूं है भाई’। शिक्षक रैन बसेरा में हुई सभा में आंदोलनरत कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। 
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के आह्वान पर राज्य कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को परिषद पदाधिकारी टोली बनाकर विभिन्न कार्यालयों में पहुंचे और अपने साथियों से हड़ताल में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी जताने का आह्वान किया। इससे दोपहर होते-होते अधिकतर कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया। इससे कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को काफी दिक्कतें आई और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। कुछेक कार्यालयों में कर्मचारी छिपते छिपाते कामकाज निपटाते दिखे।

उधर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित सभा में राज्य कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष जेके सिंह ने कहा कि सत्ताइस विभागों की विभिन्न मांगे पूरी कर ली गई हैं। लेकिन, उसका शासनादेश निर्गत नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शासनादेश जारी नहीं किया तो परिषद आरपार की लड़ाई को बाध्य हो जाएगी। संचालन जिला मंत्री लक्ष्मी प्रसाद यादव व देवशरण उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया।
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इन विभागों में कामकाज रहा बाधित 
स्वास्थ्य विभाग, वाणिज्य कर, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, संग्रह अमीन संघ, सिंचाई विभाग, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ, राजस्व विभजाग, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग, वन विभाग, ग्राम विकास, लघु सिंचाई, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग आदि के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से कामकाज बाधित हुआ।

यह हैं कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारियों को इलाज की व्यवस्था में कैशलैस सुविधा प्रदान करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को मृत संवर्ग से हटाकर पुनर्जीवित करने, ग्रुप डी की बंद भर्तियों से रोक हटाने, ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोइया, ग्राम रोजगार सेवकों, मनरेगा कर्मी, एनआरएचएम कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, पीआरडी कर्मियों को राज्य कर्मी घोषित करने की मांग की है।
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