बारह लाख से अधिक आबादी वाले जनपद में रबी के सीजन में अधिक बारिश व ओलावृष्टि होने से किसानों की खेतों में ही 40 से 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई थी। प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया। उसके बाद से अब तक 96 करोड़ रुपए की धनराशि किसानों को बांटी जा चुकी है, जबकि सर्वे में नुकसान का आंकड़ा 365 करोड़ रुपए का था। मुआवजा आने के बाद पहले लघु व सीमांत किसानों को बांटा गया, लेकिन अभी तक सभी किसानों को राहत राशि नहीं मिल पाई है। पांच एकड़ से अधिक खेती वाले किसानों को अभी तक मुआवजा की धनराशि नहीं मिल पाई है। दर्जनों की संख्या में प्रतिदिन जनपद मुख्यालय आने वाले किसान अफसरों के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। उनको अफसर सिर्फ मुआवजा आने का आश्वासन दे रहे हैं।
विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम रौंड़ा, मड़वारी व ब्लाक बिरधा के किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन देकर मुआवजा की मांग की। इस दौरान ग्राम प्रधान सुखसाहब सिंह बुंदेला, सियाराम, रतन सिंह यादव, रघुवर दयाल, गजराज सिंह, रामकुमार, रूप सिंह लोधी, जगभान सिंह, हरनारायण कुशवाहा, प्रकाश पाल, अनंग पाल सिंह चौहान, ब्रजभान सिंह, गुलाबचंद्र विश्वकर्मा, लाल यादव, नारायण अहिरवार, रामकिशन राय, चऊदे अहिरवार, रतन, शिवदयाल, मुलुआ अहिरवार, ब्रजलाल, लालराम, रत्तू अहिरवार, कमलेश, शिशुपाल सिंह, अलका बाई, आशाराम, भगवान दास, जयराम, सरमन, तुलाराम, मोतीलाल, मोहन, दयाल कुशवाहा, श्यामलाल, बृजलाल, भागीरथ, फूलन, फूलचंद्र, पूरन, हरीराम, रामदीन, निरन सिंह, संजय, रमेश आदि किसानों के हस्ताक्षर हैं।